समाचार गढ़। सिक्किम के नामची जिले में NHPC के तीस्ता स्टेज-6 हाइड्रोइलेक्ट्रिक प्रोजेक्ट की निर्माणाधीन सुरंग में हुए हादसे में अब तक 20 मजदूरों के शव बरामद किए जा चुके हैं। हादसे के वक्त सुरंग में कुल 27 लोग मौजूद थे, जिनमें से दो मजदूर सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे, जबकि 5 अन्य की तलाश के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।
राहत एवं बचाव अभियान में सबसे बड़ी चुनौती सुरंग के अंदर फैली मीथेन गैस बनी हुई है। गैस के कारण कई बचावकर्मी बेहोश हो गए, जिससे अभियान की रफ्तार प्रभावित हुई। मजदूर सुरंग के प्रवेश द्वार से करीब 1.5 किलोमीटर अंदर फंसे हुए थे।
रेस्क्यू टीमों को ऑक्सीजन सिलेंडर के सहारे अंदर भेजा जा रहा है, लेकिन एक सिलेंडर केवल करीब 40 मिनट तक ही चल पाता है। इसके चलते टीमों को बार-बार बाहर लौटना पड़ रहा है। सुरंग में ताज़ी हवा पहुंचाने के लिए ब्लास्ट-प्रूफ ब्लोअर्स और वेंटिलेशन पाइप लगाए गए हैं, जबकि मलबा हटाने के लिए छोटे लोडर और रोबोटिक उपकरणों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
प्रशासन के अनुसार, बरामद 20 शवों में से 13 की पहचान हो चुकी है। मृतकों में पश्चिम बंगाल, पंजाब और सिक्किम के श्रमिक शामिल हैं, जबकि लापता लोगों में केरल के एक भू-वैज्ञानिक भी शामिल बताए गए हैं।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हादसे पर शोक व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है। वहीं, मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने बचाव अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।









