समाचार गढ़, 16 अगस्त 2025, श्रीडूंगरगढ़।
15 अगस्त का दिन श्रीडूंगरगढ़ नगर के लिए विशेष रहा। महेश्वरी सेवा सदन, आडसर बास में विश्व हिंदू परिषद का 61वां स्थापना दिवस एवं नंदोत्सव (कृष्ण जन्माष्टमी उत्सव) भव्य तरीके से मनाया गया। भवन को रंग-बिरंगी लाइटों, फूलों और गुब्बारों से सजाया गया और पूरे परिसर में जय श्री राम व राधे-कृष्ण के जयकारे गूंजते रहे।
दीप प्रज्वलन से हुई शुरुआत
आयोजन की शुरुआत परंपरागत दीप प्रज्वलन से हुई। यह शुभ कार्य प्रांत सत्संग प्रमुख नरेंद्र जी भाई साहब, जिला अध्यक्ष जगदीश स्वामी, संरक्षक भंवरलाल दुगड़, प्रखंड अध्यक्ष श्याम सुंदर जोशी और नगर अध्यक्ष लाल सिंह मोयल ने संयुक्त रूप से किया। तत्पश्चात गणेश वंदना प्रस्तुत की गई।
राधा-कृष्ण प्रतियोगिता ने मोहा मन
कार्यक्रम में आयोजित राधा-कृष्ण प्रतियोगिता में नन्हे-मुन्ने बच्चों ने भगवान कृष्ण और राधा का रूप धारण कर मंच पर अपनी छटा बिखेरी। दर्शक मंत्रमुग्ध होकर झूम उठे। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय व तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले बच्चों को प्रतीक चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। साथ ही सभी प्रतिभागियों को भी प्रतीक चिन्ह भेंट किए गए।
15 स्कूलों ने दिखाया सांस्कृतिक रंग
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों में नगर के 15 विद्यालयों ने भाग लिया और मंच को धर्म और भक्ति के रंगों से भर दिया। निर्णायक मंडल ने विद्यालयों की प्रस्तुतियों के आधार पर परिणाम घोषित किए—
प्रथम स्थान : संस्कार इनोवेटिव पब्लिक स्कूल
द्वितीय स्थान : ब्राइट फ्यूचर सीनियर सेकेंडरी स्कूल
तृतीय स्थान : लर्न एंड फन पब्लिक स्कूल
कृष्ण लीला व धर्म पर प्रवचन
प्रांत सत्संग प्रमुख नरेंद्र ने अपने संबोधन में कृष्ण लीला की गाथा सुनाकर बच्चों व उपस्थित जनसमूह को जीवन में धर्म और सत्य पर चलने की प्रेरणा दी। वहीं, जिला अध्यक्ष जगदीश स्वामी ने सनातन धर्म की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए समाज में एकजुट होकर धर्म रक्षा की अपील की।
मटकी फोड़ में गूंजे जयकारे
कार्यक्रम का सबसे आकर्षक क्षण मटकी फोड़ प्रतियोगिता रही। सेवाधाम के बच्चों ने जयकारों और तालियों की गड़गड़ाहट के बीच उत्साहपूर्वक मटकी फोड़कर सभी का दिल जीत लिया।
आभार व समापन
कार्यक्रम के अंत में प्रखंड अध्यक्ष दीपक सेठिया और नगर मंत्री मनीष नोलखा ने मंच संचालन करते हुए सभी गणमान्य अतिथियों, मातृशक्ति, दुर्गा वाहिनी, बजरंग दल, कार्यकर्ताओं, विद्यालयों के बच्चों और नगरवासियों का आभार व्यक्त किया।
विश्व हिंदू परिषद के इस आयोजन ने न केवल स्थापना दिवस और नंदोत्सव को यादगार बना दिया बल्कि समाज में धर्म, संस्कृति और परंपरा के प्रति नई ऊर्जा का संचार भी किया।























