समाचार गढ़ | 18 जून, श्रीडूंगरगढ़। साहित्य और संस्कृति के क्षेत्र में श्रीडूंगरगढ़ ने एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। कस्बे के युवा लेखक पूनमचंद गोदारा को वर्ष 2025 के लिए पहली बार साहित्य अकादमी युवा पुरस्कार से सम्मानित किया जायेगा। यह प्रतिष्ठित पुरस्कार उन्हें राजस्थानी भाषा में रचित उनकी काव्य-पुस्तक ‘अंतस रै आंगणै’ के लिए प्रदान किया जाएगा। यह पहली बार है जब श्रीडूंगरगढ़ के किसी लेखक को केंद्रीय साहित्य अकादमी द्वारा यह राष्ट्रीय स्तर का सम्मान प्राप्त हुआ है, जिससे पूरे क्षेत्र में गौरव और उत्साह का माहौल है। साहित्य अकादमी के अध्यक्ष माधव कौशिक की अध्यक्षता में आज हुई बैठक में देशभर की 23 भाषाओ के लेखकों को युवा पुरस्कार के लिए चयनित किया गया, जिनमें पूनमचंद गोदारा का चयन राजस्थानी भाषा के अंतर्गत किया गया है। यह पुरस्कार आगामी आयोजित विशेष समारोह में प्रदान किया जाएगा। पुरस्कार के रूप में एक उत्कीर्ण ताम्रफलक और ₹50,000 की राशि प्रदान की जाएगी। यह सम्मान न केवल पूनमचंद गोदारा की साहित्यिक साधना को राष्ट्रीय मंच पर पहचान दिलाता है, बल्कि श्रीडूंगरगढ़ की धरती की साहित्यिक गरिमा को भी ऊँचाइयों तक ले जाता है। उनकी यह उपलब्धि क्षेत्र के युवाओं और नवोदित लेखकों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत बन रही है। बता दें कि यह युवा पुरस्कार पहली बार पूनम चंद गोदारा को दिया जा रहा है इससे पहले भी अकादमी द्वारा साहित्यकार डॉक्टर चेतन स्वामी, मदन सैनी व रवि पुरोहित को अन्य पुरस्कार दिए जा चुके हैं।














