समाचार-गढ़ 19 अगस्त, 2026।
सरकार ने बुधवार को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि NEET की प्रश्नपत्र सुरक्षा व्यवस्था कई स्तरों वाली है और इसमें सेंध लगाना बेहद मुश्किल है। वहीं सुप्रीम कोर्ट ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA को UPSC की तरह मजबूत और भरोसेमंद परीक्षा प्रणाली विकसित करने की सलाह दी।
जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने कहा कि परीक्षा व्यवस्था में ऐसी तकनीकी विशेषज्ञता होनी चाहिए, जिससे अधिकारियों के ट्रांसफर के बाद भी संस्थागत अनुभव बना रहे। कोर्ट ने टेक्नोलॉजी समझने वाले अधिकारियों को शामिल करने और अनुभवी अधिकारियों के बार-बार तबादले से बचने की बात कही।
सरकार ने बताई NEET पेपर की सुरक्षा
केंद्र के मुताबिक, NEET पेपर तैयार करने से लेकर परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने तक कई सुरक्षा चरण होते हैं। प्रश्न बैंक से अलग-अलग पेपर तैयार किए जाते हैं, पेपर सुरक्षित प्रिंटिंग प्रेस में CCTV और CISF निगरानी के बीच छपते हैं और इन्हें सीलबंद लोहे के बॉक्स में रखा जाता है।
पेपर ले जाने वाली गाड़ियों को GPS से ट्रैक किया जाता है और उन्हें पुलिस सुरक्षा में परीक्षा केंद्र तक पहुंचाया जाता है। परीक्षा से कुछ घंटे पहले छात्रों की मौजूदगी में पेपर बॉक्स खोला जाता है और इसकी वीडियोग्राफी भी होती है।
NTA में बड़े बदलाव की तैयारी
सरकार ने NTA की परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए नए विशेषज्ञों को शामिल करने, साइबर सिक्योरिटी और पेपर सेटिंग को मजबूत करने और परीक्षा प्रोटोकॉल का ऑडिट कराने की जानकारी दी है। NTA के कार्यालयों की सुरक्षा व्यवस्था में भी बदलाव की तैयारी है।
2024 की गड़बड़ियों के बाद सुधार
NEET-UG 2024 में पेपर लीक और दूसरी गड़बड़ियों के आरोपों के बाद पूर्व ISRO प्रमुख के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समिति बनाई गई थी। समिति ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए 101 सिफारिशें दी थीं।
NEET मामले की जांच CBI को सौंपी गई थी और दी गई जानकारी के मुताबिक अब तक 13 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है।









