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डम्पिंग यार्ड में गौवंश की मौत बना बड़ा मुद्दा, CM दौरे से पहले बढ़ा दबाव, हस्ताक्षर अभियान कल

विशेष खबर | श्रीडूंगरगढ़ डम्पिंग यार्ड में गौवंश मौत का मामला तूल पकड़ता हुआ

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समाचार गढ़, श्रीडूंगरगढ़।
श्रीडूंगरगढ़ डम्पिंग यार्ड में असमय मृत गौवंश का मामला अब केवल स्थानीय विरोध तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक बड़े जनआंदोलन का रूप लेता नजर आ रहा है। गौवंश को न्याय दिलाने के लिए सोमवार 12 जनवरी को कस्बे में व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन और हस्ताक्षर अभियान आयोजित किया जाएगा।

विश्व हिन्दू परिषद श्रीडूंगरगढ़ एवं आपणो गाँव श्रीडूंगरगढ़ सेवा समिति के संयुक्त तत्वावधान में यह अभियान प्रातः 10 बजे से शुरू होगा। हस्ताक्षर अभियान दो प्रमुख स्थानों—मैन मार्केट टैक्सी स्टैंड एवं घूमचक्कर—पर चलाया जाएगा।

मुद्दे की शुरुआत से आंदोलन तक

इस संवेदनशील मुद्दे को सबसे पहले आपणो गाँव श्रीडूंगरगढ़ सेवा समिति ने उठाया था। समिति का कहना है कि जब तक मृत गौवंश को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। अब कस्बे की कई सामाजिक संस्थाएं भी खुलकर इस आंदोलन के समर्थन में सामने आ चुकी हैं।

न्यायालय की शरण में जाने की तैयारी

गौवंश संरक्षण और पर्यावरण क्षति को लेकर सोमवार को जनहित याचिका (PIL) दायर किए जाने की भी पूरी संभावना है। समिति द्वारा NGT एवं हाईकोर्ट में वाद दायर करने की तैयारी की जा रही है।

सीएम दौरे से पहले दबाव की रणनीति

मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को ध्यान में रखते हुए समिति द्वारा श्रीडूंगरगढ़ से बीकानेर तक पैदल कूच करने के विकल्प पर भी विचार किया गया है। इसी दबाव के चलते प्रशासन और विधायक हरकत में आते नजर आए हैं।

प्लांट स्वीकृति पर भी सवाल

विधायक द्वारा कचरा निस्तारण के लिए वेस्ट निस्तारण प्लांट की स्वीकृति लिए जाने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि यह प्लांट 20 वर्षों तक अनुबंध के तहत कार्य करेगा।
हालांकि आमजन के बीच यह चर्चा जोरों पर है कि यह पूरा मामला विधायक के लिए “गले की फांस” बन चुका था, इसलिए अब आनन-फानन में कदम उठाए जा रहे हैं। सवाल यह भी उठ रहे हैं कि यह प्लांट कागजों तक सीमित रहेगा या वास्तव में धरातल पर भी बदलाव नजर आएगा।

सबूत मिटाने के आरोप

समिति के पदाधिकारियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि डम्पिंग यार्ड में मौजूद मृत गौवंश को खुर्द-बुर्द करने और सबूतों से छेड़छाड़ के प्रयास किए गए। समिति की मांग है कि—

  • मृत गौवंश का पोस्टमार्टम कराया जाए
  • दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो

अन्यथा आंदोलन और अधिक उग्र किया जाएगा।

राज्य स्तर पर मुद्दा बनने की आशंका

यदि मुख्यमंत्री की सभा में इस मुद्दे को लेकर हजारों लोग एकत्रित हुए, तो यह मामला राज्य स्तर पर बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक मुद्दा बन सकता है, जिससे विधायक और प्रशासन की भारी किरकिरी तय मानी जा रही है।

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