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सीजन की पहली मावठ, इंद्रदेव का किसानों को तोहफा, फसलों में लौटी रौनक

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समाचार गढ़, 23 दिसम्बर 2024, श्रीडूंगरगढ़। (गौरीशंकर तावणियां, सातलेरां) श्रीडूंगरगढ़ अंचल में सीजन की पहली मावठ ने किसानों के चेहरों पर मुस्कान ला दी है। देर रात हल्की बारिश का दौर शुरू हुआ, जो सुबह तक रुक-रुक कर जारी रहा। अंचल के कई गांवों में हल्की से मध्यम दर्जे की बरसात दर्ज की गई, जिससे क्षेत्र के किसानों को राहत मिली है।

किसानों का मानना है कि यह मावठ पाले से प्रभावित फसलों के लिए जीवनदान बनकर आई है। गेहूं, चना, मैथी, सरसों और जौ जैसी फसलों को इस बारिश से सीधा फायदा मिलेगा। सातलेरा गांव के किसान आशाराम मेघवाल और बिग्गा गांव के किसान बनवारी शर्मा ने बताया कि कड़ाके की सर्दी के कारण फसलें प्रभावित हो रही थीं, लेकिन यह बारिश उनके लिए संजीवनी बूटी का काम करेगी।

मौसम का उतार-चढ़ाव जारी
मौसम विभाग के अनुसार, पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अभी भी बना हुआ है। 27 से 29 दिसंबर के बीच उत्तर-पश्चिम भारत के कई हिस्सों में अच्छी बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। श्रीडूंगरगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में भी इसका असर देखने को मिल सकता है।

फसलों को मिलेगा नया जीवन
विशेषज्ञों का कहना है कि यह मावठ रबी की फसलों के लिए बेहद लाभदायक साबित होगी। जहां एक ओर सरसों, गेहूं और इसबगोल जैसी फसलें मजबूत होंगी, वहीं दूसरी ओर किसानों को बढ़िया उत्पादन की उम्मीद बंध गई है।

किसानों के लिए राहत भरी खबर
इस मावठ ने किसानों के मन में नई उम्मीदें जगा दी हैं। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मौसम का मिजाज अनुकूल रहा, तो आने वाले दिनों में फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन में सुधार होगा। ओलावृष्टि की संभावना को ध्यान में रखते हुए किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए तैयार रहने की सलाह दी गई है। सीजन की पहली मावठ ने न केवल फसलों को फायदा पहुंचाया है, बल्कि किसानों के लिए उम्मीद की नई किरण भी जलाई है। यदि मौसम अनुकूल बना रहा, तो आने वाला समय किसानों के लिए समृद्धि भरा हो सकता है।

अलसुबह श्री डूंगरगढ़ के सातलेरा गांव में हुई बरसात ,किसानों के चेहरे पर छाई खुशियां ।
जैसलसर गांव में हुई हल्की बारिश,फसलों को मिलेगा जीवनदान। फोटो मनीष गिरी गुंसाई
किसान दिवस पर सातलेरा में बारिश, भरा गलियों में पानी
फोटो -राजू जाखड़

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