खेजड़ी बचाओ महापड़ाव में बिगड़ी पर्यावरण प्रेमियों की तबियत, बनाया गया अस्थाई अस्पताल
समाचार गढ़, बीकानेर। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित बिश्नोई धर्मशाला के सामने बिश्नोई समाज व साधु-संतों की अगुवाई में पर्यावरण बचाओ संघर्ष समिति का खेजड़ी बचाओ महापड़ाव लगातार जारी है। महापड़ाव में कुल 363 पर्यावरण प्रेमी आमरण अनशन पर बैठे हुए हैं।
अनशन के दौरान दो महिलाओं समेत पांच पर्यावरण प्रेमियों की तबियत बिगड़ने से प्रशासन में हड़कंप मच गया। तबियत बिगड़ने पर सभी को तत्काल बिश्नोई धर्मशाला में बनाए गए अस्थाई अस्पताल में उपचार के लिए लाया गया, जहां चिकित्सकीय देखरेख में इलाज जारी है।
लगातार खेजड़ी के पेड़ों की कटाई के विरोध में पर्यावरण प्रेमी व बिश्नोई समाज लंबे समय से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। इस बार आंदोलन को निर्णायक मोड़ देने के इरादे से बड़ी संख्या में लोग बीकानेर पहुंचे हैं। आंदोलनकारियों की प्रमुख मांग है कि खेजड़ी संरक्षण के लिए जल्द से जल्द सख्त कानून बनाया जाए।
इसी क्रम में जिला प्रशासन और आंदोलन समिति के बीच बैठक भी आयोजित हुई। बैठक में आंदोलन समिति के संयोजक परसराम बिश्नोई, अतिरिक्त जिला कलेक्टर रमेश देव तथा एडीएसपी बी.एल. मीणा मौजूद रहे। प्रशासन की ओर से स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
पर्यावरण प्रेमियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक खेजड़ी की सुरक्षा को लेकर ठोस कानूनी कदम नहीं उठाए जाते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।











