Nature Nature

महाप्रज्ञ अध्यात्म के हिमालय- डाॅ नीरज के पवन, श्रीडूंगरगढ़ में धनंजय मुनि के ग्रंथ का लोकार्पण समारोह

Nature

समाचार-गढ़, श्रीडूंगरगढ़। रविवार को अपराह्न विद्वान संत धनंजय मुनि की सद्य प्रकाशित पुस्तक आचार्य महाप्रज्ञ : समाज, राष्ट्र और धर्म का लोकार्पण ओसवाल पंचायत भवन में समारोहपूर्वक हुआ। कार्यक्रम के अध्यक्ष संभागीय आयुक्त डाॅ नीरज के पवन ने इस अवसर पर कहा कि आचार्य महाप्रज्ञ ऐसे महामना थे, जिन्हें अध्यात्म के हिमालय कहना कोई अतिशयोक्ति नहीं है। उनकी पुस्तकें सच्चे अर्थो में जीना सिखाती हैं। हम उनकी थोड़ी सी बातें भी आत्मसात करलें तो हमारा जीवन धन्य हो सकता है। उन्होंने कहा कि मेरा जुड़ाव तेरापंथ धर्म संघ के साथ रहा है। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि बीकानेर के जिला कलेक्टर भगवतीप्रसाद कलाल ने कहा कि महाप्रज्ञ जी न केवल बड़े संत थे बल्कि वे समाज सुधारक भी थे। उनके पास समाज में व्याप्त विषमताओं को मिटाने के अनेक आध्यात्मिक उपाय थे। ऐसा कोई विषय नहीं था, जिन पर उन्होंने दृष्टिपात नहीं किया।
प्रारंभ में उपस्थित जनों का स्वागत करते हुए रिटायर्ड आई ए एस लालचंद सिंघी ने कहा कि महाप्रज्ञजी के इस ग्रंथ का लेखन करनेवाले मुनि धनंजय कुमार ने अद्यावधि साठ से अधिक उत्तम कोटि के ग्रंथों का प्रणयन किया है, वहीं उनका जीवन तप तथा संयम की साधना से आप्लावित है। समूचा धर्म संघ मुनि श्री के प्रति श्रद्धा रखता है।
सम्मानित अतिथि प्रो सुमेरचंद जैन ने कहा कि वर्तमान पीढ़ी अपने पुरातन संस्कारों को विस्मृत करती जा रही है। महाप्रज्ञ जी का साहित्य हमारे संस्कारों को उन्नत बनाता है। यह हमारा सौभाग्य है कि महाप्रज्ञ जी के सर्वाधिक ग्रंथों का संपादन श्री धनंजय मुनि ने किया है।
संपादक- प्रकाशक दीपचंद सांखला ने अपनी स्पष्ट और मौलिक शैली में कहा कि हम आयोजनों के माध्यम से केवल कहने और सुनने की औपचारिकताओं को पुष्ट करते हैं, लक्ष्य पर दृष्टि नहीं रहती। महाप्रज्ञजी के ग्रंथों का जैसा सुघड़ संपादन धनंजय मुनि ने किया है, उतनी मेहनत और लगन दूसरों से संभव नहीं है। मुनि श्री की भाषा आतंकित नहीं करती है। साहित्यकार श्याम महर्षि ने कहा कि प्राचीन समय से श्रीडूंगरगढ़ के अनेक गांवों में जैन धर्म का बोलबाला था। यह कहने में कोई संकोच नहीं होना चाहिए कि महाप्रज्ञ जी तेरापंथ के सबसे विद्वान संत थे। महाकवि दिनकर ने ठीक ही कहा था कि मैं महाप्रज्ञ जी को दूसरे विवेकानंद के रूप में देखता हूं।
समारोह के अंत में धनंजय मुनि ने अपने उद्बोधन में कहा कि आज का दिन महान है। आज ही के दिन 29 जनवरी 1931 को महाप्रज्ञ जी ने संन्यास दीक्षा ग्रहण की थी। दीक्षा दिवस पर इस ग्रंथ का लोकार्पण बहुत आह्लादकारी है। भले ही तेरापंथ समाज की संख्या कम है, पर महाप्रज्ञ जी ने संपूर्ण भारतीय समाज को प्रभावित किया। वह शिष्य महान होता है जो गुरु का मस्तक ऊंचा करता है। विगत 1500 वर्षों के इतिहास में आचार्य तुलसी और महाप्रज्ञ जैसी गुरु शिष्य परंपरा नहीं दिखाई देती। महाप्रज्ञ जी को अपने संपूर्ण जीवन में आठ बार भी आवेश नहीं आया। वे राग-द्वेष से रहित सच्चे अर्थों में संत थे। मेरा सौभाग्य रहा है कि मुझे 32 वर्षों तक उनका सान्निध्य प्राप्त हुआ। कार्यक्रम के समापन पर श्री माणकचंद सिंघी ने आभार ज्ञापित किया। मंच का संचालन युवा साहित्यकार रवि पुरोहित ने किया। इस अवसर पर नगर के मीडिया कर्मी शुभकरण पारीक, राजू हीरावत, संजय पारीक, अशोक पारीक, नारायण सारस्वत, अनिल धायल, प्रशांत स्वामी, राजेश शर्मा को साहित्य भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में मंगलाचरण गीतिका सुमित बरड़िया ने प्रस्तुत की। कार्यक्रम में कार्यवाहक एसडीएम चौधरी राजवीर कड़वासरा, सीओ दिनेशकुमार, सीआई अशोक बिश्नोई, ओसवाल पंचायत भवन के उपाध्यक्ष नरेंद्र डागा, रेलवे स्टेशन अधीक्षक राजेन्द्र सोनी, पांचीलाल सिंघी, मालचंद सिंघी, डॉ. चेतन स्वामी, प्रमोद बोथरा, सोहनलाल ओझा, बिमल चौरड़िया, हीरालाल पुगलिया, शिवकुमार स्वामी, सुशील सेरड़िया, एस कुमार सिंधी, विजय महर्षि, तुलसीराम चौरड़िया, शुभकरण पारीक, राजू हीरावत, महावीर माली, तिलोकचंद हिरावत सहित अनेकों गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

  • Related Posts

    ओवरलोड ट्रकों पर बढ़े टोल को लेकर बवाल: टोल प्लाजा पर ड्राइवरों का हमला, 5 गिरफ्तार

    समाचार गढ़ 13 अप्रैल 2026। बीकानेर-पंजाब नेशनल हाईवे पर सोमवार सुबह हरियासर टोल प्लाजा अचानक रणक्षेत्र में बदल गया, जब ओवरलोड ट्रकों को लेकर पहुंचे ड्राइवरों और टोल कर्मचारियों के…

    महात्मा ज्योतिबा फूले और बाबा साहेब के सिद्धांत आज भी प्रासंगिक, दोनों महापुरूषों को एक साथ याद करना अच्छी पहलः केन्द्रीय मंत्री मेघवाल

    समाचार गढ़, बीकानेर, 13 अप्रैल 2026। केन्द्रीय विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि महात्मा ज्योतिबा फूले तथा बाबा साहेब डाॅ. भीमराव अम्बेडकर सामाजिक समरसता के प्रतीक,…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    ओवरलोड ट्रकों पर बढ़े टोल को लेकर बवाल: टोल प्लाजा पर ड्राइवरों का हमला, 5 गिरफ्तार

    ओवरलोड ट्रकों पर बढ़े टोल को लेकर बवाल: टोल प्लाजा पर ड्राइवरों का हमला, 5 गिरफ्तार

    महात्मा ज्योतिबा फूले और बाबा साहेब के सिद्धांत आज भी प्रासंगिक, दोनों महापुरूषों को एक साथ याद करना अच्छी पहलः केन्द्रीय मंत्री मेघवाल

    महात्मा ज्योतिबा फूले और बाबा साहेब के सिद्धांत आज भी प्रासंगिक, दोनों महापुरूषों को एक साथ याद करना अच्छी पहलः केन्द्रीय मंत्री मेघवाल

    बिहार में सियासी हलचल तेज: 48 घंटे में नए मुख्यमंत्री का ऐलान, 15 अप्रैल को शपथ संभव

    बिहार में सियासी हलचल तेज: 48 घंटे में नए मुख्यमंत्री का ऐलान, 15 अप्रैल को शपथ संभव

    इंस्टाग्राम दोस्ती के जाल में फंसी युवती से दुष्कर्म, शादी का झांसा देकर बनाया शिकार

    इंस्टाग्राम दोस्ती के जाल में फंसी युवती से दुष्कर्म, शादी का झांसा देकर बनाया शिकार

    दिग्गज गायिका आशा भोसले का निधन, आज मुंबई में होगा अंतिम संस्कार, प्रधानमंत्री ने जताया शोक

    दिग्गज गायिका आशा भोसले का निधन, आज मुंबई में होगा अंतिम संस्कार, प्रधानमंत्री ने जताया शोक

    होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका की नाकेबंदी आज से, तेल बाजार में उछाल; ईरान पर बढ़ा सैन्य दबाव

    होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिका की नाकेबंदी आज से, तेल बाजार में उछाल; ईरान पर बढ़ा सैन्य दबाव
    Social Media Buttons
    error: Content is protected !!
    Verified by MonsterInsights