कलेक्टर के आदेश से बदला स्कूलों का शेड्यूल, जानिए आगे क्या?
समाचार गढ़, श्रीडूंगरगढ़। प्रदेश में जारी भीषण शीतलहर को देखते हुए स्कूली विद्यार्थियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए स्कूल शिक्षा विभाग ने अहम दिशा-निर्देश जारी किए हैं। राज्य के कई जिलों में जिला कलेक्टर की शक्तियों का प्रयोग करते हुए कक्षा आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए चार से पांच दिन का अवकाश घोषित किया गया है। यह फैसला बच्चों को अत्यधिक ठंड और कोल्ड वेव के दुष्प्रभाव से बचाने के उद्देश्य से लिया गया है।
शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि अवकाश अवधि के बाद भी सर्दी का प्रकोप बना रहता है, तो विद्यालयों में विशेष व्यवस्थाएं अनिवार्य रूप से की जाएंगी। शीतलहर की स्थिति में कक्षा-कक्षों को गर्म रखने के लिए हीटर या अन्य सुरक्षित साधनों के उपयोग पर विचार किया जाएगा, ताकि विद्यार्थियों को ठंड से राहत मिल सके।
इसके साथ ही सभी स्कूलों को दरवाजों और खिड़कियों की मरम्मत व दुरुस्ती के निर्देश दिए गए हैं, जिससे ठंडी हवा सीधे कक्षाओं में प्रवेश न कर सके। विभाग का मानना है कि भवनों की संरचनात्मक मजबूती और समय पर मरम्मत से बच्चों पर सर्दी का प्रभाव काफी हद तक कम किया जा सकता है।
सर्दी से बचाव के लिए स्वयंसेवी संगठनों और सामाजिक संस्थाओं के सहयोग से जरूरतमंद विद्यार्थियों को कंबल उपलब्ध कराने के प्रयास भी किए जाएंगे। वहीं, शीतलहर के कारण बच्चों के बीमार पड़ने की आशंका को देखते हुए विद्यालयों में प्राथमिक उपचार बॉक्स की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में त्वरित उपचार मिल सके।
स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी विद्यालयों को बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और मौसम की स्थिति पर लगातार नजर बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।











