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नेत्रदान से अमर हुए दो जीवन, श्रीडूंगरगढ़ में मानवता ने रचा प्रेरणा का इतिहास

नेत्रदान से अमर हुए अमरचंद बोथरा, मानवता को दिया अनुपम उपहार

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समाचार गढ़, श्रीडूंगरगढ़।
पूनरासर धाम के पुजारी परिवार से जुड़े स्वर्गीय अमरचंद बोथरा, पुत्र स्व. कुशलचंद बोथरा ने अपने निधन उपरांत नेत्रदान कर मानवता की सेवा का अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत किया। इस पुनीत कार्य की सहमति धर्मपत्नी अमराव देवी बोथरा एवं भाई धर्मचंद बोथरा द्वारा प्रदान की गई। नेत्रदान के लिए विजयराज सेठिया एवं अशोक झाबक की विशेष प्रेरणा रही। नेत्रदान संयोजक अशोक झाबक के निर्देशन में यह प्रक्रिया अखिल भारतीय तेरापंथ युवक परिषद के मार्गदर्शन में संपन्न हुई। स्थानीय परिषद टीम की सक्रिय भूमिका रही, जिसमें अध्यक्ष विक्रम मालू, मंत्री पीयूष बोथरा, उपाध्यक्ष चमन श्रीमाल, कोषाध्यक्ष दीपक छाजेड़ एवं सहमंत्री मोहित बोर्ड शामिल रहे। प्राणनाथ हॉस्पिटल सरदारशहर के डॉक्टर भंवरलाल प्रजापत एवं डॉक्टर दिनेश शर्मा के सहयोग से नेत्रदान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। साथ ही पूनरासर पुजारी परिवार सहित भंवरलाल दुगड़, चंदनमल बोथरा, मुकेश बोथरा, भरत बोथरा, अंकित झाबक, प्रवीण सेवग, जगदीश सोमानी, राजकुमार एवं संतोष का भी सहयोग रहा। परिजनों की सहमति से हुए इस नेत्रदान से दो नेत्रहीन व्यक्तियों को दृष्टि मिलने की संभावना बनी है।


श्रीडूंगरगढ़ में दूसरा नेत्रदान, चंद्रकला देवी बोरड बनीं प्रेरणा

समाचार गढ़, श्रीडूंगरगढ़।
मानवता की सेवा में एक और प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत करते हुए स्वर्गीय चंद्रकला देवी बोरड का निधन उपरांत नेत्रदान संपन्न हुआ। इस पुण्य कार्य की स्वीकृति उनके पति भीकमचंद बोरड तथा पुत्र सुरेंद्र बोरड, नरेंद्र बोरड एवं रवि बोरड द्वारा प्रदान की गई। नेत्रदान के लिए विजय बोथरा एवं अशोक बैद की प्रेरणा रही, जबकि पूरी प्रक्रिया को सफलतापूर्वक संपन्न कराने में नेत्रदान प्रभारी अशोक झाबक का विशेष योगदान रहा। इस अवसर पर तेरापंथ युवक परिषद के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की सक्रिय सहभागिता रही, जिनमें अध्यक्ष विक्रम मालू, पूर्व अध्यक्ष शांतिलाल झाबक, मंत्री पीयूष बोथरा, उपाध्यक्ष चमन श्रीमाल एवं सहमंत्री मोहित बोरड शामिल रहे। इसके अतिरिक्त मधु जैन, मंजू बैद, दिलीप बैद, गजेंद्र नाई, भागीरथ गोदारा सहित अनेक समाजसेवियों की उपस्थिति व सहयोग से यह नेत्रदान सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। स्वर्गीय चंद्रकला देवी बोरड का यह नेत्रदान न केवल दृष्टिहीनों के जीवन में उजाला लाने वाला है, बल्कि समाज के लिए एक सशक्त प्रेरणास्रोत भी बना है।

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