कड़ाके की ठंड से जमी बर्फ, अगेती फसलों को भारी नुकसान की आशंका
पाले की मार से किसान चिंतित, खेतों में बर्फ की सफेद चादर
समाचार गढ़, श्रीडूंगरगढ़। अंचल में कड़ाके की ठंड ने जनजीवन के साथ-साथ कृषि क्षेत्र को भी बुरी तरह प्रभावित करना शुरू कर दिया है। बीते कुछ दिनों से लगातार गिरते तापमान के चलते क्षेत्र का पारा जमाव बिंदु के आसपास पहुंच गया है। सोमवार सुबह हालात ऐसे रहे कि जगह-जगह ओस जमकर बर्फ में तब्दील हो गई।
सुबह के समय खेतों, खुले मैदानों, कचरे के ढेरों और फसलों पर बर्फ की पतली परतें साफ नजर आईं। पूरे इलाके में मानो बर्फ की सफेद चादर बिछी हुई हो। ठंड इतनी तेज रही कि लोगों की धूजणी छूट गई और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ।
पाले से अगेती फसलों को नुकसान
किसानों का कहना है कि पाले की वजह से अगेती फसलों को भारी नुकसान होने की आशंका है। विशेष रूप से अगेती सरसों की फसल को पाले से नुकसान पहुंचा है। खेतों में सरसों की पत्तियां झुलसती हुई दिखाई दीं, जिससे किसानों की चिंता और बढ़ गई है।
किसानों में चिंता का माहौल
किसानों ने बताया कि यदि आने वाले दिनों में तापमान इसी तरह नीचे गिरता रहा और पाला पड़ता रहा, तो नुकसान और भी बढ़ सकता है। कई किसानों ने प्रशासन से फसल नुकसान के सर्वे और राहत की अपील की है।
ठंड का दौर अभी जारी
मौसम के जानकारों के अनुसार क्षेत्र में ठंड का यह दौर अभी कुछ दिन और बना रह सकता है। ऐसे में किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी जा रही है।



















