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पाॅली हाउस में खीरा उत्पादन बढ़ाने की तकनीकी पर हुई व्यापक चर्चा,  100 से अधिक प्रगतिशील कृषकों की रही सहभागिता

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समाचार, गढ़ बीकानेर, 27 फरवरी। उद्यान विभाग बीकानेर द्वारा राष्ट्रीय कृषि विकास योजनान्तर्गत संरक्षित खेती-वर्तमान परिदृश्य एवं भविष्य की संभावनाएं विषय पर स्वामी केशवानंद राजस्थान कृषि विश्वविद्यालय स्थित स्वामी विवेकानंद कृषि संग्रहालय में दो दिवसीय कार्यशाला गुरुवार को प्रारम्भ हुई। सेमिनार उद्घाटन के अवसर पर विश्वविद्यालय, के अनुसंधान निदेशक डॉ. विजय प्रकाश, प्रसार शिक्षा निदेशक डॉ, नीना सरीन , अधिष्ठाता कृषि महाविद्यालय डॉ. पी.के यादव व डॉ. सुभाष चंद्र उपस्थित रहे। इस अवसर पर डॉ. विजय प्रकाश ने कहा कि जिले में सब्जी उत्पादन की व्यापक सम्भावनाएं है। किसान ड्रिप पर सब्जी उत्पादन क्षेत्र को बढ़ाकर अपनी आय बढ़ा सकते हेैं। डॉ. नीना सरीन ने कहा कि किसान संरक्षित खेती के महत्व को समझें । उन्होंने कहा कि किसान सब्जी फसल लेकर समय पूर्व उपज प्राप्त कर अधिक आमदनी प्राप्त कर सकते है। डॉ पी.के यादव ने किसानों को संबोधित करते हुआ कहा कि जिले के किसान उद्यान विभाग द्वारा देय अनुदान का लाभ लेते हुये अधिक से अधिक पॉली हाउस स्थापित करें व संरक्षित खेती को बढ़ावा देवें। डॉ. सुभाष चंद्र ने कहा कि किसान जल के समुचित उपयोग को सुनिश्चित करने के क्रम में सूक्ष्म सिंचाई तकनीकी संसाधन जैसे- ड्रिप, मिनी फव्वारा व फव्वारा सिंचाई को बढ़ावा दें।
प्रथम तकनीकी सत्र में कृषि अधिकारी उद्यान मुकेश गहलोत ने कृषि एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा संचालित विभिन्न अनुदान योजनाओं के बारे में प्रजन्टेशन के माध्यम से विस्तार से बताया। उद्यानिकी विशेषज्ञ डॉ. सुशील कुमार ने अनार, बैर, सिट्रस, खजूर फल-बगीचा स्थापना की उन्नत तकनीकी के संदर्भ में किसानों को विस्तार से जानकारी दी। वरिष्ठ उद्यानिकी विशेषज्ञ डॉ. राजेन्द्र राठौड़ ने बताया कि संरक्षित खेती वर्तमान समय की मांग है किसानों को अधिक से अधिक पॉली हाउस, लॉ-टनल, मल्चिंग जैसी सरंक्षित खेती को अपनाकर आमदनी को बढ़ावा देना चाहिए। केन्द्रीय शुष्क बागवानी संस्थान के डॉ हनुमान डूडी ने पॉली हाउस में खीरे की खेती की पैकेज ऑफ प्रैक्टिसेज के बारे में विस्तार से चर्चा की। केन्द्रीय शुष्क बागवानी संस्थान के डॉ रमेश कुमार ने अनार फल बगीचा स्थापना व प्रबंधन के पहलू पर प्रकाश डाला। सेमिनार में जिले के 100 से अधिक प्रगतिशील किसानों ने भाग लिया। उप निदेशक उद्यान डॉ. रेणु वर्मा तुन्दवाल ने धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम का संचालन मुकेश गहलोत कृषि अधिकारी ने किया। कार्यक्रम में उद्यान विभागीय अधिकारी विजय कुमार बलाई, जोधराज कालीरावणा, लीला विशनोई लेखाधिकारी, लक्ष्मण सिंह शेखावत, अनिरूद्ध, पुष्पेन्द्र सिंह, धर्मपाल, बनवारीलाल सैनी, करणीदान चारण, ओमप्रकाश ,शिवभगवान आरती, पवन, तनवीर सिंह आदि उपस्थित रहे।

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