दिनांक 16-06-2023 के पंचांग के साथ जाने और भी कई खास बातें आचार्य राजगुरू पंडित रामदेव उपाध्याय के साथ
महालक्ष्मी की आराधना से होता है आर्थिक सुधार जानें कैसे ?
श्री गणेशाय नम:
तिथि वारं च नक्षत्रं
योगो करणमेव च ।
पंचागं श्रृणुते नित्यं
श्रीगंगा स्नानं फलं लभेत् ।।
शास्त्रों के अनुसार नित्य पंचांग के तिथि, वार, नक्षत्र ,योग ,करण आदि पांच अंगों को सुनने से गंगा स्नान के बराबर फल मिलता है अतः नित्य पंचांग अवश्य सुनना चाहिए।। *आज का पंचांग*
दिनांक- 16/06/2023
श्री डूंगरगढ़
अक्षांश – 28:06
रेखांश – 74:04
पंचांग
विक्रम संवत् – 2080
शक संवत् – 1945
* ऋतु – ग्रीष्म
* अयन- उत्तरायण
* मास – आषाढ़
* पक्ष- कृष्ण
* तिथि- त्रयोदशी प्रातः 08:37 बजे उपरांत चतुर्दशी
* वार- शुक्रवार
* नक्षत्र – कृतिका सायं 15:03 बजे उपरांत रोहिणी
* योग- 1 धृति- रात्रि 25:19 बजे उपरांत शूल
*करण- * 1 वणिज-08:37 A.M. 2 विष्टि (भद्रा) – 20:52:30 P.M. उपरांत शकुनि
* चंद्र राशि – वृषभ
चंद्र बल – मेष,वृषभ, कर्क, सिंह, कन्या, वृश्चिक, धनु, मकर, मीन
सम्वत् नाम- पिंगल
सूर्योदय- 05:45 A.M. सूर्यास्त- 07:24 P.M.
दिनमान- 13:39
रात्रिमान- 10:21 *शुभ समय* अभिजित मुहूर्त मध्याह्न - 12:10:30 से 12:58:30 बजे तक
अशुभ समय
यमगण्ड – सायं 3:00 से 4:30 बजे तक राहुकाल- प्रातः 10:30 से 12:00 बजे तक
*(विशेष- राहुकाल चक्र भारत के दक्षिण संभाग में ही मान्य है दक्षिण संभाग के लोगों को शुभ कार्यो में राहु काल के समय का त्याग करना चाहिए किंतु उत्तर भारत में राहुकाल का समय शुभ कार्यों में त्यागने की आवश्यकता नहीं है । ) **
कालवेला या अर्द्धयाम
1.प्रातः 10:52:07 से 12:34:30 बजे तक 2.रात्रि 09:59:15 से 11:16:52 बजे तक
गुलिक काल – प्रातः 7:30 से 9:00 बजे तक
दिशा शूल – पश्चिम दिशा
चौघड़िया ( दिन )
1.चंचल- प्रातः 05:45 से 07:27:22 तक
2.लाभ-प्रातः 07:27:22 से 09:09:45 तक
3.अमृत- प्रातः 09:09:45 से 10:52:07 तक (वार वेला निषेध)
4.काल-प्रातः 10:52:07 से 12:34:30 तक (कालवेला निषेध)
5.शुभ- दोपहर 12:34:40 से 02:16:52 तक
6.रोग-दोपहर 02:16:52 से 03:59:15 तक
7.उद्वेग-सायं 03:59:15 से 05:41:37 तक
8.चंचल-सायं 05:41:37 से 07:24 तक
चौघड़िया ( रात्रि)
1.रोग- रात्रि 07:24 से 08:41:37 तक
2.काल-रात्रि 08:41:37 से 09:59:15 तक
3.लाभ-रात्रि 09:59:15 से 11:16:52 तक (कालवेला निषेध)
4.उद्वेग-रात्रि 11:16:52 से 12:34:30 तक
5.शुभ-रात्रि 12:34:30 से 01:52:07 तक
6.अमृत-रात्रि 01:52:07 से 03:09:45 तक
7.चंचल-रात्रि 03:09:45 से 04:27:22 तक
8.रोग-रात्रि 04:27:22 से 05:45 तक
विशेष– मासिक शिवरात्रि
यदि आप आर्थिक संकट से परेशान हैं तो कृपया शुक्रवार के दिन श्री महालक्ष्मी जी के मंदिर में जाकर कमल के पुष्प,शंख, कौड़ी, कमलगट्टे या कमल गट्टे की माला, मखाने या पतासे आदि सामग्री महालक्ष्मी को श्रद्धा पूर्वक अवश्य चढ़ाएं इस प्रयोग से आर्थिक स्थिति में सुधार आने के प्रबल आसार रहते हैं।
राजगुरु पंडित रामदेव उपाध्याय ( शास्त्री-आचार्य ,ज्योतिष विद्, बी.ए.)
भू.पू. सहायक आचार्य
श्री ऋषिकुल संस्कृत विद्यालय
श्री डूंगरगढ़
M.N. 9829660721




















