समाचार-गढ़, श्रीडूंगरगढ़:-जिस स्कूल में शिक्षक ही नहीं, उस में बड़े-बड़े सपने लेकर पढ़ाई करने वाले बच्चों के सपने अक्षर टूट जाया करते है … यह कहना है श्रीडूंगरगढ़ कस्बे के बापेऊ गांव के सरकारी स्कूल में पढने वाली बच्ची सुमन का। दरअसल, बापेऊ गांव के सरकारी स्कूल में शिक्षकों की कमी के चलते स्कूल में पढने वाले बच्चों में रोष है और इसी रोष के चलते गुरुवार को स्कूल की बच्चियां व बच्चे बीकानेर जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंच गए और कलेक्टर से मिलकर स्कूल में शिक्षक लगाने की मांग की। छात्रा सुमन ने बताया कि उनके गांव में 12वीं तक का सरकारी विद्यालय है, जिसमें गांव के करीब 500 से 600 बच्चे अध्यनरत है, लेकिन बच्चों का भविष्य अंधकार में है क्योंकि इतने सारे बच्चों को पढ़ाने के लिए मात्र तीन शिक्षक है। बाकी सभी शिक्षकों के पद रिक्त है। छात्रा सुमन ने बताया कि जो शिक्षक है वो भी स्कूल के कार्यों में व्यस्त रहते है ऐसे में विद्यार्थियों का भविष्य अंधेरे में है। अब वार्षिक परीक्षाएं भी नजदीक आ गई है, परंतु शिक्षकों की कमी के चलते सिलेब्स ही पूरा नहीं हो पाया। ऐसे में चिंता सता रही है कि परीक्षा में क्या लिखेंगे। सुमन ने सरकार व प्रशासन की इस अव्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि क्या हम घुमने के लिए स्कूल जा रहे है? जो बच्चे बड़े-बड़े सपने लेकर पढ़ाई करते हैं उनके सपने ऐसी स्कूल में टूट जाया करते है, और ऐसा ही अब बापेऊ की सरकार स्कूल में पढने वाले बच्चों के साथ हो रहा है।
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