समाचार गढ़ 12 मार्च 2026। राजस्थान में निवेश के नाम पर बड़े स्तर पर ठगी करने वाले गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। एडीजी विशाल बंसल के अनुसार इस मामले में गिरोह के सहयोगी सुरेश सैनी (34) निवासी भोपालगढ़, जोधपुर को पकड़ा गया है। सुरेश का भोपालगढ़ में जेसीबी रिपेयर का वर्कशॉप है और स्थानीय स्तर पर उसकी अच्छी पहचान होने के कारण वह ग्रामीणों को झांसे में लेने में सफल रहा। वह पिछले तीन महीने से फरार चल रहा था, जिसे एसओजी टीम ने बुधवार रात जोधपुर में दबिश देकर गिरफ्तार किया।
जांच में सामने आया कि गिरोह ने सोशल मीडिया के जरिए क्रिप्टो करेंसी और आकर्षक निवेश योजनाओं का झांसा देकर करीब 82 हजार लोगों को अपने जाल में फंसाया। इस गिरोह का मुख्य आरोपी बंशीलाल उर्फ प्रिंस सैनी है, जिसने सॉफ्टवेयर डेवलपर रजनीश कुमार की मदद से ठगी के लिए एक वेबसाइट तैयार करवाई। इसमें 250 रुपए में आईडी बनाकर लोगों को जोड़ा गया और उनसे मोटे मुनाफे का लालच देकर करीब 2 करोड़ रुपए वसूले गए। बाद में आरोपी ने हार्वेस्ट एआई टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड नाम से कंपनी बनाकर खुद को निदेशक और अपनी मंगेतर ममता सैनी को सह-निदेशक बनाया। कंपनी के जरिए ‘एसवीटी कॉइन’ नाम की डिजिटल करेंसी लॉन्च करने और उसे क्रिप्टो एक्सचेंज पर लिस्ट कराने का झूठा प्रचार किया गया।
लोगों को निवेश के लिए आकर्षित करने के लिए कई इनामी योजनाएं भी चलाई गईं। इनमें 5.90 लाख रुपए में स्कॉर्पियो और 12 लाख रुपए में फॉर्च्युनर कार देने जैसे लुभावने ऑफर फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रचारित किए गए। जांच में पता चला कि लोगों से डिजिटल करेंसी में निवेश के नाम पर 2360 रुपए प्रति आईडी के हिसाब से सैकड़ों ट्रांजेक्शन के जरिए करीब 4 करोड़ 92 लाख रुपए ऑनलाइन जमा कराए गए।
इसके अलावा 40 लोगों से लिखित इकरारनामे के जरिए कंपनी में निवेश करवाया गया और अक्टूबर 2025 में भोपालगढ़ में ‘डबल सेंचुरी रिवार्ड सेरेमनी’ नाम से कार्यक्रम आयोजित कर 250 स्कॉर्पियो गाड़ियां देने की घोषणा की गई। इस कार्यक्रम के जरिए 251 लोगों से करीब 15 करोड़ रुपए की ठगी की गई।
जांच में सामने आया कि गिरफ्तार आरोपी सुरेश सैनी ने भी ग्रामीण इलाकों में 6 लाख रुपए में स्कॉर्पियो दिलाने का लालच देकर 56 लोगों से करीब 3.5 करोड़ रुपए जुटाए। उसने कंपनी में 1173 आईडी के जरिए करीब 28 लाख रुपए निवेश करवाए और इसके बदले कमीशन के रूप में अपने भाई के नाम एक स्कॉर्पियो गाड़ी हासिल की, जिसे एसओजी ने जब्त कर लिया है। मामले में मुख्य आरोपी प्रिंस सैनी, ममता भाटी और दिनेश बागड़ी को पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है और एसओजी अब गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ कर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है।











