समाचार गढ़, 20 फरवरी 2026। उप जिला अस्पताल में मरीजों की सुविधा के लिए विधायक कोटे से करीब 25 लाख रुपए की लागत से मिली एंबुलेंस इन दिनों अनदेखी का शिकार बनी हुई है। खाजूवाला में चार साल पहले बड़ी उम्मीदों के साथ अस्पताल को सौंपी गई यह एंबुलेंस आज अस्पताल परिसर के पीछे खड़ी-खड़ी खटारा होती जा रही है, जबकि क्षेत्र के मरीजों को समय पर परिवहन सुविधा नहीं मिल पा रही। जानकारी के अनुसार बजट के अभाव का हवाला देकर एंबुलेंस को संचालन में नहीं लिया जा रहा है। हालत यह है कि लंबे समय से खड़ी रहने के कारण वाहन के टायर तक खराब होने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब सरकार की ओर से लाखों रुपए खर्च कर सुविधा उपलब्ध करवाई गई है, तो उसे शुरू क्यों नहीं किया जा रहा। इस बीच मरीजों को निजी एंबुलेंस सेवाओं का सहारा लेना पड़ रहा है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि सरकारी एंबुलेंस खड़ी है और निजी एंबुलेंसों को बढ़ावा मिल रहा है। सबसे चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब इस संबंध में बीसीएमओ से जानकारी चाही गई तो उनका जवाब था कि उन्हें इस एंबुलेंस के बारे में कोई जानकारी नहीं है। अब बड़ा सवाल यह है कि जिस अस्पताल के अधीन यह एंबुलेंस आती है, उसकी स्थिति की जानकारी जिम्मेदार अधिकारी को क्यों नहीं है? स्थानीय नागरिकों ने मांग की है कि एंबुलेंस को तुरंत दुरुस्त कर संचालन में लिया जाए, ताकि क्षेत्र के मरीजों को राहत मिल सके।









