समाचार गढ़, 21 मार्च 2026। नई दिल्ली से प्राप्त अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों के बीच ईरान और संयुक्त राज्य अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक राजनीति को गरमा दिया है। बिना स्पष्ट ‘एग्ज़िट प्लान’ के हालात में उलझने को लेकर डोनाल्ड ट्रंप पर सवाल उठ रहे हैं और वे कूटनीतिक मोर्चे पर दबाव में नजर आ रहे हैं। सूत्रों के अनुसार युद्ध जैसे हालात बनने से पहले रणनीतिक तैयारी में चूक की चर्चा तेज है। यूरोपीय देशों के बाद अब जापान द्वारा भी साथ देने से इनकार किए जाने से अमेरिका की स्थिति और जटिल होती दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि सहयोगियों के रुख से नाराज ट्रंप ने नाटो देशों को लेकर कड़े बयान दिए हैं। उन्होंने कथित तौर पर सहयोगियों को ‘कायर’ बताते हुए भविष्य में इसकी कीमत चुकाने की चेतावनी दी है। इन बयानों से नाटो देशों के बीच रिश्तों में आई कड़वाहट साफ नजर आ रही है और गठबंधन का भविष्य अनिश्चित होता दिखाई दे रहा है। वहीं, इस पूरे घटनाक्रम का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी देखने को मिल रहा है। कच्चे तेल की कीमतें 114 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने की खबर है, जबकि गैस की कीमतों में भी भारी उछाल दर्ज किया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हालात जल्द नहीं सुधरे तो आमजन पर महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है।










