समाचार गढ़ 4 अप्रैल 2026। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने जर्मनी के समकक्ष योहान वाडेफुल से फोन पर कहा कि ईरान को अमेरिका पर बिल्कुल भरोसा नहीं है। मेहर न्यूज एजेंसी के मुताबिक उन्होंने कहा कि ईरानी डेलिगेशन को होने वाली बातचीत पर भी यकीन नहीं है। अराघची ने कहा कि अमेरिका ने बार-बार अपने वादे तोड़े हैं और कूटनीति के साथ विश्वासघात किया है। यही वजह है कि ईरान उस पर भरोसा नहीं करता। उन्होंने कहा कि सरकार ईरानी जनता के हितों और अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी ताकत से लड़ेगी। सीजफायर पर बातचीत के लिए अमेरिका और ईरान का डेलिगेशन पाकिस्तान पहुंच चुका है। अमेरिका का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी डेलिगेशन की अगुआई संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ कर रहे हैं।
होर्मुज स्ट्रेट में जारी रुकावट के बीच 60 से ज्यादा खाली बड़े तेल टैंकर (VLCC) अमेरिका के गल्फ कोस्ट की ओर जा रहे हैं। ये टैंकर दुनिया के अलग-अलग देशों के हैं। शिपिंग डेटा के मुताबिक, ये टैंकर वहां पहुंचकर अमेरिकी कच्चा तेल लोड करेंगे। हर एक टैंकर करीब 20 लाख बैरल तेल ले जा सकता है। गालिबाफ ने इस्लामाबाद पहुंचने के बाद एक्स पर एक फोटो शेयर की। इसमें विमान की सीटों पर चार बच्चों की तस्वीरें रखी हैं, जिनके साथ उनके खून से सने स्कूल बैग और जूते रखे हैं और फूल भी रखा है। ईरानी शहर मिनाब में जंग के पहले ही दिन 28 फरवरी को एक प्राइमरी स्कूल पर हमला हुआ था, जिसमें 168 लोगों की मौत हुई थी। इनमें बच्चे और स्कूल का स्टाफ भी शामिल था। इस हमले का आरोप अमेरिका और इजराइल पर लगाया गया था। अमेरिका ने कहा कि वे इस हमले की जांच कर रहे हैं।















