समाचार गढ़, 21 अप्रैल 2026। राजस्थान के सरकारी स्कूलों में अब शिक्षक दोबारा पासबुक के जरिए पढ़ाई करवा सकेंगे। लंबे समय से लागू प्रतिबंध को हटाते हुए शिक्षा विभाग ने इस पर रोक खत्म कर दी है। यह फैसला हाईकोर्ट के आदेश के बाद लिया गया है, जिसमें सरकार ने आगे अपील नहीं करने का निर्णय किया।
माध्यमिक शिक्षा विभाग की ओर से जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) डॉ. रामगोपाल शर्मा ने 20 अप्रैल को आदेश जारी कर पूर्व में जारी दोनों प्रतिबंधात्मक आदेशों को निरस्त कर दिया। इससे पहले 13 मार्च 2018 को राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद और शिक्षा निदेशक ने संयुक्त रूप से पासबुक के उपयोग पर रोक लगाई थी। उस समय तर्क दिया गया था कि पासबुक से छात्रों में रटंत प्रवृत्ति बढ़ती है और मूल अध्ययन प्रभावित होता है।
इसके बाद 6 नवंबर 2023 को भी इसी प्रतिबंध को दोबारा लागू किया गया था। हालांकि, प्राइवेट प्रकाशक ‘संजीव पासबुक’ ने इस फैसले को कोर्ट में चुनौती दी। मामले की सुनवाई के दौरान 12 फरवरी 2026 को हाईकोर्ट जयपुर बेंच ने इस आदेश पर रोक लगा दी।
कोर्ट के स्टे के बाद सरकार के पास अपील का विकल्प था, लेकिन 17 मार्च 2026 को संयुक्त विधि परामर्शी ऋतु शर्मा ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार इस मामले में आगे अपील नहीं करेगी। इसके साथ ही पासबुक पर लगा प्रतिबंध स्वतः समाप्त हो गया।
अब करीब 9 साल बाद सरकारी स्कूलों में पासबुक का उपयोग फिर से शुरू हो सकेगा और छात्रों या शिक्षकों के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई का प्रावधान भी खत्म हो गया है।















