समाचार गढ़ 24 अप्रैल 2026। राजस्थान हाईकोर्ट में डिस्कॉम चेयरपर्सन और IAS अधिकारी आरती डोगरा से जुड़े मामले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। डिवीजन बेंच ने सिंगल बेंच द्वारा दिए गए एसीबी जांच के आदेश पर फिलहाल रोक लगा दी है, जिससे आरती डोगरा को तत्काल राहत मिल गई है।
कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और जस्टिस शुभा मेहता की खंडपीठ के समक्ष सुनवाई के दौरान डिस्कॉम की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता आर.एन. माथुर ने दलील दी कि याचिकाकर्ता से जुड़े तीन अलग-अलग मामलों की जांच पहले से लंबित है और उन पर जल्द निर्णय होने की संभावना है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मामला भ्रष्टाचार से जुड़ा नहीं है।
इससे पहले, हाईकोर्ट की एकलपीठ ने एसीबी जांच के आदेश देते हुए मामले में भ्रष्टाचार की आशंका जताई थी। जस्टिस रवि चिरानिया की अदालत ने यह टिप्पणी की थी कि चेयरपर्सन ने याचिकाकर्ता के खिलाफ जांच को जानबूझकर लंबे समय तक लंबित रखा, जो संदेह उत्पन्न करता है। कोर्ट ने एसीबी को तीन माह में जांच पूरी कर रिपोर्ट पेश करने के निर्देश भी दिए थे।
मामला सुपरिटेंडेंट इंजीनियर आर.के. मीणा की याचिका से जुड़ा है। याचिकाकर्ता ने 2022-23 की डीपीसी प्रक्रिया को चुनौती देते हुए आरोप लगाया था कि विभाग ने निर्धारित रोस्टर नियमों का पालन नहीं किया, जिससे उन्हें पदोन्नति से वंचित होना पड़ा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कोर्ट में याचिका दाखिल करने के बाद उनके खिलाफ अलग-अलग आधारों पर तीन चार्जशीट जारी की गईं।
फिलहाल, डिवीजन बेंच के हस्तक्षेप के बाद एसीबी जांच पर रोक लगने से मामले में आगे की सुनवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है।















