समाचार गढ़ 13 मई 202। कोटा स्थित न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रसूताओं की मौत एवं स्वास्थ्य बिगड़ने के मामले को राज्य सरकार ने गंभीरता से लिया है। पूरे प्रकरण की जांच के लिए गठित कमेटी की सिफारिश पर सरकार ने दो चिकित्सकों और दो नर्सिंगकर्मियों को निलंबित कर दिया है। साथ ही जेके लोन अस्पताल एवं न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
चिकित्सा शिक्षा विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने कोटा पहुंचकर पूरे मामले की समीक्षा की। दिनभर चली बैठक और जांच के बाद इलाज एवं पर्यवेक्षण में लापरवाही सामने आने पर न्यू मेडिकल कॉलेज के स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग के आचार्य डॉ. बद्रीलाल और सह आचार्य डॉ. खुशबू मीणा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया।
इसके अलावा जेके लोन अस्पताल की नर्सिंग अधिकारी पिंकी खींची और न्यू मेडिकल कॉलेज अस्पताल की नर्सिंग अधिकारी मीनाक्षी मीणा के खिलाफ भी कार्रवाई करते हुए उन्हें निलंबित कर दिया गया है।
प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने कहा कि राज्य सरकार मरीजों की सुरक्षा और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाओं को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अस्पतालों में जवाबदेही तय की जाएगी तथा संस्थान प्रभारियों और यूनिट हेड की जिम्मेदारी सुनिश्चित की जाएगी।
उन्होंने सभी चिकित्सा अधीक्षकों को निर्देश दिए कि अस्पतालों में रात्रिकालीन निरीक्षण नियमित रूप से किया जाए। साथ ही मरीजों के इलाज, दवा, ब्लड ट्रांसफ्यूजन और मेडिकल रिकॉर्ड का संधारण निर्धारित गाइडलाइन एवं प्रोटोकॉल के अनुसार सुनिश्चित किया जाए।














