समाचार गढ़ 10 जून 2026। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump का रुख अब पहले की तुलना में अधिक आक्रामक नजर आ रहा है। अमेरिकी सेना द्वारा ईरान पर किए गए जवाबी हमलों के बाद ट्रंप ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि अमेरिकी सैनिकों या संपत्तियों पर किसी भी हमले का कड़ा जवाब दिया जाएगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास अमेरिकी सेना के एक अपाचे हेलीकॉप्टर को मार गिराया था। शुरुआती प्रतिक्रिया में ट्रंप ने इस घटना को ज्यादा गंभीर नहीं बताया था और कहा था कि पायलट सुरक्षित हैं, इसलिए इसे बड़ा मुद्दा नहीं बनाया जाना चाहिए। बताया जाता है कि उस समय वे तनाव को और बढ़ाने के पक्ष में नहीं थे।
हालांकि बाद में व्हाइट हाउस में हुई एक महत्वपूर्ण सैन्य ब्रीफिंग के दौरान रक्षा अधिकारियों और सैन्य कमांडरों ने ईरान के खिलाफ सख्त कार्रवाई की सिफारिश की। इसके बाद ट्रंप का रुख बदल गया और उन्होंने कहा कि अमेरिका को इस हमले का जवाब देना चाहिए।
ट्रंप के निर्देश के बाद अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान के खिलाफ आत्मरक्षा के तहत हवाई हमले शुरू किए। अमेरिकी सेना ने इन्हें जवाबी कार्रवाई बताया, लेकिन ट्रंप ने संकेत दिए कि वे केवल ‘बराबर की प्रतिक्रिया’ की नीति से सहमत नहीं हैं।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया मंच पर एक वीडियो क्लिप साझा करते हुए संदेश दिया कि यदि किसी अमेरिकी सैनिक या नागरिक को निशाना बनाया जाता है तो अमेरिका केवल समान जवाब देने तक सीमित नहीं रहेगा। इस पोस्ट को ईरान के लिए कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
विश्लेषकों का मानना है कि ट्रंप के बदले हुए तेवर क्षेत्र में तनाव को और बढ़ा सकते हैं। अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव पर पूरी दुनिया की नजर बनी हुई है, क्योंकि इसका असर वैश्विक सुरक्षा और ऊर्जा आपूर्ति पर भी पड़ सकता है।









