समाचार गढ़ 25 जून 2026। अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) द्वारा मांगी गई वित्तीय जानकारी को लेकर नया विवाद सामने आया है। ट्रस्ट ने दान, चढ़ावे, बैंक खातों, जमीन खरीद-बिक्री और अन्य वित्तीय लेनदेन से जुड़ी जानकारी देने से फिलहाल इनकार कर दिया है। ट्रस्ट का कहना है कि मामले की जांच विशेष जांच दल (SIT) द्वारा की जा रही है, इसलिए इस समय कोई भी जानकारी साझा करना उचित नहीं होगा।
मामला उस समय चर्चा में आया जब भाजपा के स्थानीय नेता डॉ. रजनीश सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर राम मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय लेनदेन और संपत्तियों का पूरा विवरण सार्वजनिक करने की मांग की। उन्होंने मंदिर में प्राप्त दान, चढ़ावे, जमीन खरीद-फरोख्त और अन्य वित्तीय गतिविधियों में पारदर्शिता की आवश्यकता बताई थी।
सूत्रों के अनुसार पीएमओ ने शिकायत को संज्ञान में लेते हुए अयोध्या जिला प्रशासन को आवश्यक जानकारी जुटाने के निर्देश दिए। इसके बाद प्रशासन ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से संपर्क कर आय-व्यय, बैंक खातों, दान राशि, संपत्तियों और जमीन संबंधी जानकारी मांगी।
बताया जा रहा है कि अयोध्या के एडीएम (कानून-व्यवस्था) इंद्रकांत द्विवेदी ने इस संबंध में ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय से संपर्क किया। हालांकि चंपत राय ने जवाब में कहा कि वर्तमान में एसआईटी जांच जारी है और जांच एजेंसी सभी आवश्यक दस्तावेज व रिकॉर्ड एकत्र कर रही है। ऐसे में मांगी गई जानकारी फिलहाल उपलब्ध नहीं कराई जा सकती।
डॉ. रजनीश सिंह ने 9 जून और 12 जून को प्रधानमंत्री कार्यालय को अलग-अलग पत्र भेजकर मंदिर में प्राप्त चढ़ावे, समर्पण निधि अभियान से जुटाई गई राशि, सोना-चांदी एवं आभूषणों के रूप में मिले दान, बैंक खातों, वित्तीय लेनदेन, जमीन खरीद-बिक्री, निर्माण कार्यों पर हुए खर्च और ऑडिट रिपोर्ट को सार्वजनिक करने की मांग की थी। इसके बाद 13 जून को मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था।
मामले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चाएं तेज हैं, जबकि ट्रस्ट का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद आवश्यक तथ्यों को संबंधित एजेंसियों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा।









