समाचार गढ़। प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसूनी बारिश का दौर जारी है, लेकिन बीकानेर संभाग में अब भी भीषण गर्मी और उमस से जनजीवन प्रभावित है। पिछले कई दिनों से तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर बना हुआ है, जिससे लोगों को दिन और रात दोनों समय गर्मी का सामना करना पड़ रहा है।
रविवार को श्रीगंगानगर प्रदेश का सबसे गर्म जिला रहा, जहां अधिकतम तापमान 43.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं बीकानेर शहर में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। लगातार बढ़ती उमस और तेज गर्मी के कारण लोगों को मानसून की पहली अच्छी बारिश का बेसब्री से इंतजार है।
मौसम विभाग के अनुसार बीकानेर संभाग में अगले दो से तीन दिनों के भीतर दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। सोमवार सुबह जारी अलर्ट में भी बीकानेर और आसपास के क्षेत्रों में बारिश की संभावना जताई गई थी, हालांकि निर्धारित समयावधि के दौरान बारिश नहीं हो सकी।
पिछले तीन दिनों से मौसम विभाग लगातार बीकानेर के लिए येलो अलर्ट जारी कर रहा है। शनिवार को नोखा क्षेत्र में हल्की बूंदाबांदी हुई थी, लेकिन रविवार को जिले में कहीं भी उल्लेखनीय बारिश दर्ज नहीं की गई। ऐसे में भीषण गर्मी और उमस के बीच लोगों की निगाहें अब मानसून की सक्रियता पर टिकी हुई हैं।
मौसम विभाग ने 6 और 7 जुलाई के लिए बीकानेर जिले में गरज-चमक के साथ बारिश का पूर्वानुमान जारी किया है। साथ ही अगले कुछ दिनों तक तेज हवा, आंधी और बारिश की संभावना व्यक्त की गई है। यदि पूर्वानुमान सही साबित होता है तो तापमान में गिरावट आएगी और लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।









