समाचार गढ़। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच ईरान के चाबहार पोर्ट को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। विभिन्न मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी एयरस्ट्राइक के दौरान चाबहार बंदरगाह के समुद्री ट्रैफिक कंट्रोल और निगरानी ढांचे को नुकसान पहुंचा है। हालांकि, भारत के निवेश वाले शहीद बेहिश्ती टर्मिनल को किसी प्रकार का नुकसान पहुंचने की आधिकारिक पुष्टि अब तक नहीं हुई है।
चाबहार पोर्ट भारत के लिए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। यह बंदरगाह भारत को पाकिस्तान को दरकिनार करते हुए अफगानिस्तान, मध्य एशिया और रूस तक व्यापारिक पहुंच उपलब्ध कराता है। यही बंदरगाह इंटरनेशनल नॉर्थ-साउथ ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर (INSTC) का भी अहम हिस्सा माना जाता है, जिससे भारत के लिए परिवहन समय और लागत दोनों कम करने में मदद मिलती है।
भारत ने चाबहार परियोजना के विकास और उपकरणों पर करीब 120 मिलियन डॉलर (करीब ₹1,000 करोड़) का निवेश किया है। इसके अलावा, मई 2024 में भारत ने शहीद बेहिश्ती टर्मिनल के संचालन के लिए 10 वर्षों का दीर्घकालिक समझौता भी किया था।
मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव के बीच विशेषज्ञों का मानना है कि यदि चाबहार क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ती है, तो भारत की क्षेत्रीय कनेक्टिविटी परियोजनाओं और पश्चिम एशिया के साथ व्यापार पर असर पड़ सकता है। हालांकि, भारतीय परियोजना या उसके संचालन पर किसी प्रत्यक्ष प्रभाव को लेकर अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।









