समाचार-गढ़ 30 जुलाई 2026।
अमेरिका ने जॉर्डन में अपने सैन्य ठिकाने पर हुए मिसाइल हमले के एक दिन बाद ईरान के खिलाफ बड़ा जवाबी अभियान शुरू कर दिया। गुरुवार तड़के अमेरिकी सेना ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए हवाई हमले किए। इस कार्रवाई से पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को “करारा जवाब” देने की चेतावनी दी थी।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए बताया कि अमेरिकी समयानुसार रात 8 बजे ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान शुरू किया गया। बयान में कहा गया कि यह कार्रवाई मध्य पूर्व में तैनात अमेरिकी सैनिकों पर ईरान की ओर से किए गए हालिया हमलों के जवाब में की गई है।
हमलों के बाद दक्षिणी ईरान के कई इलाकों में विस्फोटों की खबरें सामने आईं। ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार बंदर अब्बास, अबू मूसा, किश द्वीप और केशम द्वीप में जोरदार धमाके सुनाई दिए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, केशम द्वीप पर कम से कम तीन बड़े विस्फोट हुए। वहीं, एक रिहायशी इमारत को नुकसान पहुंचने की भी सूचना है, जहां मलबे में दो लोगों के फंसे होने की आशंका जताई गई है।
अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, हमलों का मुख्य निशाना ईरानी सैन्य ठिकाने थे। वहीं, ईरान की तस्नीम न्यूज एजेंसी ने दावा किया कि फार्स प्रांत के काजेरून शहर के बाहरी इलाके को भी निशाना बनाया गया। हालांकि, किश द्वीप के एयरपोर्ट और यात्री फेरी सेवाओं के सामान्य रूप से संचालित होने की जानकारी दी गई है।
इससे एक दिन पहले जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य अड्डे पर मिसाइल हमला हुआ था। ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं, जिनमें से जॉर्डन की सेना ने पांच मिसाइलों को मार गिराने का दावा किया था। इसी घटना के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा था कि अब जवाब देने की बारी अमेरिका की है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच इस सैन्य कार्रवाई ने पूरे क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति को और गंभीर बना दिया है। अब दुनिया की नजर ईरान की संभावित प्रतिक्रिया और क्षेत्रीय हालात पर बनी हुई है।









