समाचार-गढ़ 29 जुलाई 2026।
भारतीय शेयर बाजार ने मंगलवार को शानदार रिकवरी दर्ज की। आईटी, बैंकिंग, मेटल और एफएमसीजी शेयरों में मजबूत खरीदारी के दम पर प्रमुख सूचकांक अच्छी बढ़त के साथ बंद हुए। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 888.68 अंक (1.16%) की तेजी के साथ 77,654.60 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 264.85 अंक (1.10%) चढ़कर 24,250.20 के स्तर पर पहुंच गया।
बाजार में व्यापक खरीदारी देखने को मिली। दिनभर के कारोबार में करीब 2,460 शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 1,597 शेयरों में गिरावट दर्ज की गई। वहीं, 177 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।
निफ्टी के टॉप गेनर्स में जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, हिंदुस्तान यूनिलीवर (HUL), इंफोसिस, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और लार्सन एंड टुब्रो (L&T) शामिल रहे। दूसरी ओर अदाणी पोर्ट्स एंड एसईजेड, महिंद्रा एंड महिंद्रा, पावर ग्रिड, आयशर मोटर्स और एचडीएफसी लाइफ के शेयर दबाव में रहे।
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो रियल्टी सेक्टर को छोड़कर सभी प्रमुख सेक्टर हरे निशान में बंद हुए। आईटी, मीडिया, मेटल, फार्मा, टेलीकॉम, प्राइवेट बैंक, एफएमसीजी और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स में 1 से 2 प्रतिशत तक की बढ़त दर्ज की गई। वहीं, मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी खरीदारी का रुझान देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप-100 इंडेक्स 0.8% और निफ्टी स्मॉलकैप-100 इंडेक्स 1.5% की बढ़त के साथ बंद हुए।
हालांकि, वैश्विक स्तर पर पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमत करीब 5% उछलकर 88 डॉलर प्रति बैरल के आसपास पहुंच गई। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें आने वाले कारोबारी सत्रों में बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकती हैं।
30 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल?
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी का 24,200 का स्तर अब अहम सपोर्ट बन गया है। यदि निफ्टी इस स्तर के ऊपर टिके रहने में सफल रहता है, तो अगले सत्र में 24,350–24,500 की ओर बढ़त देखने को मिल सकती है। वहीं, यदि वैश्विक संकेत कमजोर रहे या कच्चे तेल में तेजी जारी रही, तो बाजार में मुनाफावसूली भी देखने को मिल सकती है।
बाजार की अगली चाल पर वैश्विक संकेत, कच्चे तेल की कीमतें, विदेशी निवेशकों (FII) की गतिविधियां और तिमाही नतीजे प्रमुख रूप से असर डालेंगे।









