Nature Nature

BRICS समिट में भारत रखने जा रहा बड़ा एजेंडा, अपनी करेंसी से कारोबार और सप्लाई चेन पर क्या होगा फैसला?

Nature

समाचार-गढ़ 29 अगस्त, 2026।

भारत अपनी BRICS अध्यक्षता के दौरान संगठन को ज्यादा व्यावहारिक और विकास-केंद्रित बनाने पर जोर देगा। 12-13 सितंबर को होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में स्टार्टअप, इनोवेशन, मजबूत सप्लाई चेन और ग्रीन एनर्जी जैसे मुद्दे भारत की प्राथमिकता में रहेंगे।

भारत राष्ट्रीय मुद्राओं में आपसी व्यापार बढ़ाने के साथ UN, IMF और विश्व बैंक जैसी वैश्विक संस्थाओं में सुधार की जरूरत भी उठाएगा। भारत की अध्यक्षता की थीम लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण रखी गई है।

सप्लाई चेन को मजबूत करने पर जोर

दुनियाभर के संघर्षों के बीच ग्लोबल सप्लाई चेन पर बढ़ते दबाव को देखते हुए BRICS Logistics Supply Chain Cooperation Framework अपनाने पर चर्चा होगी। इसके तहत तकनीकी जानकारी, कार्गो और शिपिंग सेवाओं से जुड़ी सूचनाओं का आदान-प्रदान, स्थानीय असेंबली-मैन्युफैक्चरिंग और क्षमता निर्माण को बढ़ावा दिया जाएगा।

साथ ही पर्यावरण के अनुकूल और जलवायु परिवर्तन का सामना करने वाली लॉजिस्टिक्स व्यवस्था विकसित करने पर जोर रहेगा।

स्टार्टअप्स के लिए बनेगा डिजिटल प्लेटफॉर्म

BRICS देशों के स्टार्टअप और इनक्यूबेटर्स को जोड़ने के लिए डिजिटल इंटरफेस तैयार करने पर भी विचार किया जा रहा है। इससे सदस्य देशों की एजेंसियों, इनक्यूबेटर्स और स्टार्टअप्स के बीच सहयोग बढ़ाने में मदद मिलेगी।

भारत राष्ट्रीय मुद्राओं में आपसी व्यापार बढ़ाने और BRICS बैंक के भविष्य के प्रोजेक्ट्स पर भी चर्चा करेगा। अधिकारियों के मुताबिक, यह पहल किसी एक देश को निशाना बनाकर नहीं की जा रही है।

एकतरफा प्रतिबंधों और वैश्विक संस्थाओं में सुधार का मुद्दा

समिट में कुछ BRICS देशों पर लगाए गए एकतरफा प्रतिबंधों का मुद्दा भी उठ सकता है। भारत UN, IMF और विश्व बैंक जैसी संस्थाओं में सुधार की जरूरत पर जोर देगा।

इस बार 11 BRICS सदस्य देशों और 10 साझेदार देशों के नेता शामिल होंगे। ASEAN, अफ्रीकी संघ, GCC और GRULAC जैसे क्षेत्रीय संगठनों को भी आमंत्रित किया गया है। रूस, चीन, ईरान, दक्षिण अफ्रीका और इंडोनेशिया के राष्ट्राध्यक्षों समेत कई प्रमुख नेताओं के शामिल होने की उम्मीद है।

पश्चिम एशिया का तनाव भी चुनौती

समिट ऐसे समय हो रहा है जब पश्चिम एशिया में तनाव जारी है। ऐसे में BRICS देशों के बीच आम सहमति बनाना अहम होगा, क्योंकि संगठन के फैसले सर्वसम्मति से लिए जाते हैं। समिट से पहले ईरान और UAE के बीच सामने आए मतभेदों के कारण दोनों देशों के बीच होने वाली बातचीत पर भी नजर रहेगी।

  • Related Posts

    उज्जैन में हनुमान प्रतिमा की गहराई का राज जानने पहुंची टीम, मशीनें बंद होते ही शुरू हुई चमत्कार की चर्चा

    समाचार गढ़ 31 अक्टूबर 2026। Ujjain News: मध्य प्रदेश के उज्जैन में प्रसिद्ध खड़े हनुमान जी मंदिर की प्रतिमा की गहराई जांचने पहुंची प्रशासनिक टीम उस समय चर्चा में आ…

    गरीबी के खिलाफ भारत की बड़ी जीत! 12 साल में 49.6 करोड़ लोग निकले बाहर, फिर भी कमाई में 13 गुना की खाई

    समाचार गढ़ 31 अक्टूबर 2026। India Poverty Report: भारत ने गरीबी कम करने के मोर्चे पर पिछले 12 वर्षों में बड़ी उपलब्धि हासिल की है। विश्व बैंक की अक्टूबर 2026…

    Leave a Reply

    Your email address will not be published. Required fields are marked *

    You Missed

    उज्जैन में हनुमान प्रतिमा की गहराई का राज जानने पहुंची टीम, मशीनें बंद होते ही शुरू हुई चमत्कार की चर्चा

    उज्जैन में हनुमान प्रतिमा की गहराई का राज जानने पहुंची टीम, मशीनें बंद होते ही शुरू हुई चमत्कार की चर्चा

    गरीबी के खिलाफ भारत की बड़ी जीत! 12 साल में 49.6 करोड़ लोग निकले बाहर, फिर भी कमाई में 13 गुना की खाई

    गरीबी के खिलाफ भारत की बड़ी जीत! 12 साल में 49.6 करोड़ लोग निकले बाहर, फिर भी कमाई में 13 गुना की खाई

    FATF की बैठक में पाकिस्तान पर कोई नई कार्रवाई नहीं, जैश की ऑनलाइन फंडिंग पर भी नहीं मिला जवाब; 2030 तक जारी रहेगी समीक्षा

    FATF की बैठक में पाकिस्तान पर कोई नई कार्रवाई नहीं, जैश की ऑनलाइन फंडिंग पर भी नहीं मिला जवाब; 2030 तक जारी रहेगी समीक्षा

    होर्मुज में 27 भारतीयों वाले तेल टैंकर पर हमला, इंजन रूम में लगी आग; पहली बार लिम्पेट माइन्स से बनाया निशाना

    होर्मुज में 27 भारतीयों वाले तेल टैंकर पर हमला, इंजन रूम में लगी आग; पहली बार लिम्पेट माइन्स से बनाया निशाना

    चीन-पाक की समुद्री गतिविधियों के बीच भारत का बड़ा दांव, ₹40 हजार करोड़ से बनेंगे 8 नए युद्धपोत

    चीन-पाक की समुद्री गतिविधियों के बीच भारत का बड़ा दांव, ₹40 हजार करोड़ से बनेंगे 8 नए युद्धपोत

    न सड़क, न गाड़ियों का शोर… यहां एक-दूसरे की छतों पर चलते हैं लोग, 1000 साल पुराना है ये गांव

    न सड़क, न गाड़ियों का शोर… यहां एक-दूसरे की छतों पर चलते हैं लोग, 1000 साल पुराना है ये गांव
    Social Media Buttons
    error: Content is protected !!
    Verified by MonsterInsights