समाचार-गढ़ 21 सितंबर, 2026।
राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में भारत और अमेरिका की सेनाओं के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास युद्ध अभ्यास 2026 जारी है। अभ्यास के दौरान दोनों देशों के सैनिकों ने M777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर के साथ लाइव फायरिंग का प्रदर्शन किया। इस दौरान भारतीय और अमेरिकी सैनिकों ने आर्टिलरी संचालन से जुड़ी तकनीक, प्रक्रियाओं और युद्ध के मैदान में आपसी तालमेल को मजबूत करने पर काम किया।
M777 से लाइव फायरिंग का प्रदर्शन
लाइव फायरिंग के दौरान भारतीय सेना के गन क्रू ने 155mm M777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर की फायरिंग क्षमता का प्रदर्शन किया। अमेरिकी सैनिकों ने भी गन पोजीशन पर भारतीय जवानों के साथ बातचीत की और आर्टिलरी से जुड़ी प्रक्रियाओं तथा ऑपरेशनल अनुभवों को साझा किया।
महाजन रेंज में हुए इस प्रशिक्षण में दोनों सेनाओं को एक-दूसरे की आर्टिलरी तकनीक और काम करने की प्रक्रियाओं को करीब से समझने का मौका मिला। अमेरिकी सेना की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, सैनिकों ने 155mm आर्टिलरी एम्युनिशन को लेकर भी चर्चा की।
गन की तैनाती से लेकर ‘Shoot and Scoot’ तक
M777 के प्रदर्शन से पहले आर्टिलरी सिस्टम की तैनाती और संचालन को लेकर लेक्चर और डेमोंस्ट्रेशन किया गया। इसमें गन की तैनाती, स्थानीय सुरक्षा के लिए समन्वय और जवाबी गोलाबारी की स्थिति में दूसरी पोजीशन पर जाने जैसी प्रक्रियाओं पर चर्चा हुई।
इस दौरान ‘Shoot and Scoot’ ड्रिल भी अहम रही। इसका मतलब है कि लक्ष्य पर फायर करने के बाद गन को जल्द से जल्द दूसरी जगह ले जाना, ताकि दुश्मन की जवाबी फायरिंग से बचा जा सके।
अभ्यास में दोनों सेनाओं के सैनिकों ने अपनी Tactics, Techniques and Procedures (TTPs) को साझा किया, जिससे अलग-अलग ऑपरेशनल परिस्थितियों में संयुक्त कार्रवाई की क्षमता को बेहतर किया जा सके।
क्या है युद्ध अभ्यास 2026?
भारत और अमेरिका के बीच संयुक्त सैन्य अभ्यास युद्ध अभ्यास का यह 22वां संस्करण है। इसकी शुरुआत 15 सितंबर 2026 को हुई। इस बार अभ्यास एक साथ उत्तराखंड के औली फॉरेन ट्रेनिंग नोड और राजस्थान के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में आयोजित किया जा रहा है। दोनों देशों की ओर से करीब 600-600 जवान इसमें हिस्सा ले रहे हैं।
रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, अभ्यास का मुख्य उद्देश्य पर्वतीय और अर्ध-पर्वतीय इलाकों में इंटीग्रेटेड बैटल ग्रुप्स के इस्तेमाल के लिए दोनों सेनाओं की संयुक्त सैन्य क्षमता बढ़ाना है। इसमें पैदल सेना की भूमिका वाले अभियानों पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
ड्रोन और आधुनिक हथियारों पर भी फोकस
युद्ध अभ्यास 2026 में सिर्फ पारंपरिक सैन्य ड्रिल ही नहीं, बल्कि नई तकनीक पर भी जोर दिया जा रहा है। रक्षा मंत्रालय के अनुसार, प्रशिक्षण में निगरानी और टोही के लिए ड्रोन और स्वायत्त प्रणालियों के इस्तेमाल को भी शामिल किया गया है।
महाजन फील्ड फायरिंग रेंज में आधुनिक हथियार प्रणालियों का प्रदर्शन भी अभ्यास का हिस्सा है। दोनों सेनाओं के विशेषज्ञ उभरती तकनीकों और मल्टी-डोमेन वॉरफेयर में हो रहे बदलावों पर भी विचार साझा कर रहे हैं।
M777 क्यों है खास?
M777 अल्ट्रा लाइट हॉवित्जर एक 155mm हल्की टो की जाने वाली आर्टिलरी गन है। इसका वजन पारंपरिक भारी तोपों की तुलना में कम होने के कारण इसे हेलिकॉप्टर या सैन्य परिवहन विमान के जरिए मुश्किल और ऊंचाई वाले इलाकों तक पहुंचाना आसान होता है।
यही वजह है कि भारतीय सेना के लिए यह तोप खास तौर पर पहाड़ी और ऊंचाई वाले इलाकों में उपयोगी मानी जाती है। इसका हल्का डिजाइन आर्टिलरी यूनिट्स को बेहतर मोबिलिटी और तेजी से पोजीशन बदलने की क्षमता देता है।
भारत और अमेरिका के सैनिकों के बीच M777 की लाइव फायरिंग के दौरान हुआ यह प्रशिक्षण दोनों सेनाओं के बीच इंटरऑपरेबिलिटी और आर्टिलरी ऑपरेशन से जुड़े अनुभवों के आदान-प्रदान का अहम हिस्सा रहा।








