समाचार गढ़ 2 नवंबर 2026।
Pakistan Afghanistan Tension: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। पाकिस्तान ने अफगान तालिबान सरकार को चेतावनी दी है कि वह अपनी जमीन से संचालित होने वाली कथित आतंकी गतिविधियों पर रोक लगाए, अन्यथा इस्लामाबाद अपनी सुरक्षा के लिए जरूरी कदम उठा सकता है। पाकिस्तान ने आतंकवाद को अपनी ‘रेड लाइन’ बताते हुए साफ किया है कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा। वहीं, अफगान तालिबान ने पाकिस्तान के आरोपों को खारिज करते हुए दोनों देशों के बीच तनाव के लिए इस्लामाबाद की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है।
पाकिस्तान ने तालिबान को दी सख्त चेतावनी
पाकिस्तान के सूचना और प्रसारण मंत्रालय ने शनिवार रात एक कड़ा बयान जारी किया। इसमें अफगान तालिबान नेतृत्व पर आरोप लगाया गया कि वह अफगानिस्तान की जमीन से संचालित हो रही आतंकी गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय पाकिस्तान पर ही रिश्ते खराब करने का आरोप लगा रहा है।
मंत्रालय ने कहा कि आतंकवाद पाकिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए सबसे बड़ा खतरा है और नागरिकों की जान की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। बयान में अफगान तालिबान से कहा गया कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ होने वाली गतिविधियों के लिए न होने दे।
पाकिस्तान ने यह भी कहा कि उसकी सुरक्षा को अफगान तालिबान सरकार की कथित निष्क्रियता या गलत प्राथमिकताओं के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता। इस्लामाबाद के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत उसे अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा पहुंचाने वाली गतिविधियों के खिलाफ जरूरी कदम उठाने का अधिकार है।
अफगान तालिबान ने पाकिस्तान पर ही लगाए आरोप
पाकिस्तान का यह बयान अफगान तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद की टिप्पणियों के जवाब में आया। मुजाहिद ने शनिवार को हुर्रियत रेडियो को दिए इंटरव्यू में कहा था कि पाकिस्तान अफगानिस्तान के साथ तनाव खत्म करने के लिए बातचीत को लेकर गंभीर नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि इस्लामाबाद की नीतियां दोनों देशों के बीच विवाद को सुलझने नहीं दे रही हैं। मुजाहिद ने यह भी कहा कि पाकिस्तान जिन आतंकवाद विरोधी मुद्दों का हवाला दे रहा है, उनके लिए अफगानिस्तान जिम्मेदार नहीं है।
अफगान तालिबान पहले भी इन आरोपों को खारिज करता रहा है। उसका कहना है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल किसी दूसरे देश के खिलाफ नहीं होने दिया जाता। इस तरह दोनों देश एक-दूसरे पर तनाव बढ़ाने और आतंकवाद के मुद्दे पर जिम्मेदारी से बचने के आरोप लगा रहे हैं।
TTP को लेकर क्यों आमने-सामने हैं पाकिस्तान और अफगानिस्तान?
दोनों देशों के बीच विवाद की सबसे बड़ी वजहों में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) शामिल है। पाकिस्तान का आरोप है कि यह संगठन अफगानिस्तान की जमीन से अपनी गतिविधियां संचालित करता है और वहां से पाकिस्तान के भीतर हमलों को अंजाम देता है।
वहीं, अफगान तालिबान इन आरोपों को लगातार नकारता रहा है। उसका दावा है कि अफगानिस्तान की जमीन किसी दूसरे देश के खिलाफ इस्तेमाल नहीं होने दी जाती।
TTP को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से तनाव बना हुआ है। इस मुद्दे पर आरोप-प्रत्यारोप के साथ सीमा पर कई बार झड़पें भी हो चुकी हैं।
सीमा पर फिर बढ़ सकता है तनाव
पाकिस्तान की ताजा चेतावनी और अफगान तालिबान के पलटवार से दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव फिर बढ़ गया है। एक तरफ इस्लामाबाद सीमा पार आतंकी गतिविधियों को रोकने की मांग कर रहा है, तो दूसरी तरफ काबुल पाकिस्तान की नीतियों को विवाद की वजह बता रहा है।
फिलहाल दोनों पक्षों के बयान से साफ है कि TTP का मुद्दा दोनों देशों के रिश्तों में सबसे बड़ी चुनौतियों में बना हुआ है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि दोनों देश बातचीत के जरिए तनाव कम करते हैं या सीमा पर हालात और बिगड़ते हैं।








