समाचार गढ़ 1 नवंबर 2026।
Prayagraj News: उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक घर के अंदर जमीन के नीचे छिपाकर रखे गए नोटों का मामला सामने आने के बाद हड़कंप मचा हुआ है। नवाबगंज थाना क्षेत्र के बरईपुर रामनगर गांव में 28 अक्टूबर को जमीन के नीचे दबे तीन नीले ड्रम बरामद किए गए थे। इनमें भरी नकदी की गिनती अब इनकम टैक्स विभाग ने पूरी कर ली है। गिनती में कुल 3 करोड़ 20 लाख 93 हजार रुपये मिले हैं। हैरानी की बात यह है कि नकदी मिलने के बाद भी विभाग की कार्रवाई खत्म नहीं हुई है। घर के कमरों और आंगन में अब भी खुदाई कराई जा रही है।
तीन ड्रमों में भरकर जमीन के नीचे छिपाए थे नोट
जानकारी के मुताबिक, प्रयागराज के गंगानगर जोन के नवाबगंज थाना क्षेत्र स्थित बरईपुर रामनगर गांव में एक घर के अंदर जमीन के नीचे तीन नीले ड्रम दबे मिले थे। इन ड्रमों में बड़ी मात्रा में नकदी भरी हुई थी। मामला सामने आने के बाद इनकम टैक्स विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर नोटों की गिनती शुरू की।
अब विभाग ने गिनती पूरी कर ली है। तीनों ड्रमों से कुल 3 करोड़ 20 लाख 93 हजार रुपये बरामद हुए हैं। इतनी बड़ी रकम मिलने के बाद यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि इसे कहां से जुटाया गया और जमीन के नीचे छिपाकर रखने की वजह क्या थी।
नकदी मिलने के बाद भी घर में खुदाई जारी
नोटों की गिनती पूरी होने के बावजूद इनकम टैक्स विभाग की कार्रवाई जारी है। अधिकारियों को आशंका है कि घर के दूसरे हिस्सों में भी नकदी छिपाकर रखी जा सकती है। इसी वजह से मजदूरों की मदद से कमरों और आंगन में खुदाई कराई जा रही है।
कार्रवाई पर नजर रखने के लिए घर के अंदर और बाहर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। वहीं, घर में रहने वाले राजेश और राकेश यादव से पूछताछ की जा रही है।
कहां से आए 3 करोड़ रुपये? जांच में जुटा विभाग
फिलहाल इनकम टैक्स विभाग की टीम बरामद रकम के स्रोत का पता लगाने में जुटी है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि इतनी बड़ी नकदी किसकी है और इसे ड्रमों में भरकर जमीन के नीचे क्यों दबाया गया था। घर में जारी खुदाई और पूछताछ के बाद मामले में और खुलासे होने की संभावना है।
मंदसौर में खुदाई के दौरान मिले थे 700 से ज्यादा चांदी के सिक्के
इसी तरह मध्य प्रदेश के मंदसौर जिले के भानपुरा थाना क्षेत्र के बरखेड़ी गांव में मकान की नींव खोदते समय 100 साल से ज्यादा पुराने 700 से अधिक चांदी के सिक्के मिलने का मामला सामने आया था। ये सिक्के अंग्रेजी शासनकाल के बताए गए थे और उन पर 1904 के आसपास के निशान मिले थे।
सिक्के मिलने के बाद मकान मालिक, मजदूरों और अन्य लोगों के बीच उन्हें बांटने की बात सामने आई। बाद में सिक्कों की संख्या को लेकर विवाद हुआ और मामला पुलिस तक पहुंच गया।
पुलिस ने मकान मालिक प्रेमसिंह भाटी, मजदूर जीतमल बैरागी और दो नाबालिगों के खिलाफ केस दर्ज किया। पुलिस के मुताबिक, अब तक 144 चांदी के सिक्के और 2 लाख 38 हजार रुपये नकद बरामद किए गए हैं। सिक्कों की शुद्धता के आधार पर एक सिक्के की कीमत करीब 4 हजार रुपये तक आंकी गई है।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि खुदाई में कुल कितने सिक्के मिले थे और बाकी सिक्के किन लोगों के पास हैं। साथ ही, बरामद सिक्कों की ऐतिहासिक और वास्तविक कीमत का आकलन भी किया जा रहा है।








