श्रीडूंगरगढ़ में “मंथन – एक ज्ञान प्रतियोगिता” का आयोजन अत्यंत उत्साह, अनुशासन एवं आध्यात्मिक वातावरण में ऐतिहासिक और भव्य रूप से संपन्न हुआ, जिसमें कुल 11 टीमों ने 10 राउंड में भाग लेकर अपने टीमवर्क, आध्यात्मिक ज्ञान, सूझ-बूझ और विवेक का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में टीम सुमित बरडिया एंड टीम ने प्रथम स्थान, टीम अंजू देवी संचेती ने द्वितीय स्थान तथा टीम सरिता जी बोथरा व मंजू देवी झाबक ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम की शुभ शुरुआत साध्वी श्री संगीतश्री जी एवं साध्वी डॉ. परमप्रभाजी जी के मंगल पाठ से हुई, जिससे पूरे आयोजन में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। निर्णायक मंडल में श्रीमती अंजू देवी पारख, श्री हरीश जी डागा, अध्यक्ष श्री विक्रम जी मालू, कोषाध्यक्ष श्री दीपक जी छाजेड़ एवं सहमंत्री श्री मोहित जी बोरड ने निष्पक्ष निर्णय में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कार्यक्रम का सफल संचालन किशोर मंडल संयोजक श्री मुदित जी पुगलिया व सह संयोजक श्री विशाल जी बोथरा ने किया, वहीं नवीन जी दूगड़, तनीश जी छाजेड़, अजय जी बोथरा, यश जी चोपड़ा, ऋषभ जी झाबक सहित पूरी टीम का सराहनीय सहयोग रहा। अध्यक्ष श्री विक्रम जी मालू ने अपने संबोधन में कहा कि साध्वी श्री की प्रेरणा से श्रीडूंगरगढ़ में अनेक प्रेरणादायी कार्य हुए हैं, जबकि मंत्री श्री पीयूष जी बोथरा ने साध्वी श्री के आशीर्वाद को हर कार्यक्रम की सफलता का आधार बताया। कार्यक्रम में सभा अध्यक्ष श्रीमती सुशीला जी पुगलिया, मंत्री प्रदीप जी पुगलिया, कमल जी बोथरा, अंकित जी पुगलिया सहित अनेक समाजजन उपस्थित रहे। मीडिया प्रभारी चमन जी श्रीमाल ने बताया कि सभी उपस्थितजनों ने ऐसे ज्ञानवर्धक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम निरंतर आयोजित करने की आवश्यकता जताई। अंत में तेरापंथ युवक परिषद एवं तेरापंथ किशोर मंडल की ओर से विजेता टीमों को विशेष पुरस्कार तथा सभी प्रतिभागियों को सांत्वना पुरस्कार व प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।












