समाचार गढ़ 28 मई 2025।
हाईवे की विवादित भूमि पर ट्रॉमा सेंटर और उपजिला अस्पताल के नव निर्माण की मांग को लेकर 227 दिन से जारी धरना अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच रहा है। इसी क्रम में बुधवार को धरना स्थल पर आयोजित बैठक में पूर्व विधायक गिरधारीलाल महिया ने ऐलान किया कि अब पूरे अंचल में आंदोलन को तेज़ किया जाएगा।
महिया ने कहा कि यह जनभावनाओं से जुड़ा मुद्दा है, जिसे राजनीति से दूर रखकर आमजन की भागीदारी के साथ आगे बढ़ाया जाएगा। प्रशासन की लगातार अनदेखी के चलते 3 जून को चेतावनी सभा आयोजित की जाएगी, जिसमें भविष्य की रणनीति तय की जाएगी।

बैठक में निर्णय लिया गया कि शहर को चार हिस्सों में बांटकर जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा, और इसके लिए संघर्ष टोलियों का गठन किया गया है। विभिन्न मोहल्लों और बासों में अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं:
कालूबास में पेमाराम नायक, डूंगरराम महिया, सुभाष जावा, दुर्गाराम नायक, सरवर हिंदुस्तानी, उस्मान दमामी सहित अन्य लोग संपर्क का कार्य करेंगे।
मोमासर बास में आशीष जाड़ीवाल, मंगतूराम, राजेंद्र स्वामी, उस्मानगनी भाटी।
आड़सर बास में मदनलाल प्रजापत, कानाराम प्रजापत, लालचंद, मोहन प्रजापत, भंवरलाल प्रजापत।
बिग्गाबास में हरिप्रसाद सिखवाल, जावेद, बाबूलाल रेगर, प्रेमकुमार शर्मा, सुभाष, जेकी रेगर, पवनसुत सहित कई कार्यकर्ता जिम्मेदार बनाए गए हैं।
ग्रामीण क्षेत्रों में आंदोलन को गति देने के लिए चार जॉन बनाए गए हैं, जिनमें सरपंचों, उपप्रधान प्रतिनिधियों, पूर्व जनप्रतिनिधियों व सामाजिक कार्यकर्ताओं को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसमें नंदकिशोर बिहाणी, भगवाननाथ सिद्ध, राजेंद्र जाखड़, सुखराम महिया, अमरगिरी, मोहन गोदारा, हनुमान कूकणा, मुखराम नायक, मामराज महिया जैसे नाम शामिल हैं।
बैठक में राजेंद्र स्वामी, मुकेश ज्याणी, हरिराम, दौलतराम, नंदलाल, सुनिल मेघवाल, देवीसिंह भाटी, अमरगिरी पूनरासर, सुभाष जावा सहित किसान सभा व संघर्ष समिति के कई सदस्य मौजूद रहे।
जनता की मांग है कि शहर व आसपास के हजारों लोगों के हित में इस ज़मीन पर ट्रॉमा सेंटर व अस्पताल का निर्माण शीघ्र शुरू हो ताकि चिकित्सा सुविधाओं का लाभ सबको मिल सके। संघर्ष समिति ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन और तेज़ किया जाएगा।











