समाचार गढ़, 29 अगस्त 2025, चूरू/सरदारशहर।
विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार ने शुक्रवार को सरदारशहर पहुंचकर लकड़ी से बनी वस्तुओं के पारंपरिक कारीगर समूहों से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने कारीगरों द्वारा बनाए जा रहे हस्तनिर्मित सामान का अवलोकन किया और उनकी कला व हस्त कौशल की गहराई से जानकारी प्राप्त की।
सुथार ने कहा कि पारंपरिक कारीगरी हमारे समाज की अमूल्य धरोहर है, लेकिन बदलते समय में इस हुनर को आधुनिक रोजगार अवसरों से जोड़ने की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से बोर्ड द्वारा कारीगरों को बेहतर से बेहतर स्किल उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि उनका काम न केवल बाजार की मांग के अनुरूप ढले, बल्कि उन्हें स्थायी आय का साधन भी प्राप्त हो।
बैठक में विभिन्न प्रकार के उद्योगों और कारखानों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए कौशल नियोजन की रूपरेखा पर चर्चा की गई। विचार किया गया कि किस प्रकार लकड़ी के पारंपरिक कारीगरों को आधुनिक तकनीक, मशीनरी और मार्केटिंग के साथ जोड़ा जाए, जिससे उनके उत्पादों की गुणवत्ता और विपणन क्षमता बढ़ सके।
अध्यक्ष सुथार ने कारीगरों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं और जरूरतों को प्राथमिकता के आधार पर बोर्ड के समक्ष रखा जाएगा और उन्हें प्रशिक्षण, आधुनिक उपकरणों की सुविधा तथा रोजगार से जोड़ने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार की नीतियों का लाभ प्रत्येक कारीगर तक पहुंचाना ही बोर्ड का मुख्य उद्देश्य है।
कारीगरों ने इस अवसर पर अपने अनुभव साझा किए और पारंपरिक कला को संरक्षित रखने के साथ-साथ आधुनिक समय की चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग की अपेक्षा जताई।
















