98 वर्ष की उम्र में धर्मचंद स्वर्णकार का अद्भुत संकल्प — मुक्तिधाम में पैदल भ्रमण कर किया पौधारोपण, बनी प्रेरणा की मिसाल
समाचार गढ़, 10 अगस्त 2025, श्रीडूंगरगढ़। उम्र भले ही 98 वर्ष की हो, लेकिन जज़्बा अगर मजबूत हो तो कदम थमते नहीं—यह साबित किया कस्बे के स्वर्णकार समाज के सबसे बुजुर्ग धर्मचंद स्वर्णकार (मौसूण) ने। रविवार को वे सनातन श्मशान भूमि मुक्तिधाम समिति पहुंचे और पूरे मुक्तिधाम परिसर का पैदल भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया। श्मशान भूमि मुक्तिधाम समिति के कोषाध्यक्ष बाबूलाल सहदेवड़ा ने बताया कि इतनी उन्नत उम्र में धर्मचंद स्वर्णकार का यह संकल्प न केवल समाज के लिए प्रेरणादायक है, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को यह सीख भी देता है कि सेवा और पर्यावरण के प्रति संवेदनशीलता किसी उम्र की मोहताज नहीं होती। धर्मचंद स्वर्णकार के इस कदम से मौसूण स्वर्णकार समाज और कस्बे के लोग गर्व महसूस कर रहे हैं। उनकी यह पहल बुजुर्गों के सम्मान और सामाजिक जिम्मेदारी दोनों का अद्भुत उदाहरण बन गई है।





















