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चंद्र ग्रहण पर क्या करें और क्या न करें, जानिए चंद्र ग्रहण से जुड़ी खास ख़बर

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चंद्र ग्रहण पर क्या करें और क्या न करें
सामाचारगढ़ । प्रसिद्ध ज्योतिषी राजगुरु पंडित देवीलाल उपाध्याय के पुत्र आचार्य राजगुरु पंडित रामदेव उपाध्याय ने बताया कि संवत् २०७९, कार्तिक शुक्ल पूर्णिमा, मंगलवार, दिनांक 08 नवंबर 2022 को होने वाले चंद्र ग्रहण का सूतक प्रातः 05:53 बजे से आरंभ हो जाएगा। चंद्रग्रहण का स्पर्श (ग्रहण आरंभ) समय सायं 05:53 एवं मोक्ष रात्रि 06:19 बजे (ग्रहण समाप्ति काल) रहेगा। विरल छाया से निर्गम छाया शाम 7:26 बजे होगा जो एक वैज्ञानिक प्रक्रिया है। किंतु धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सायं 6:19 बजे उपरांत ग्रहण शुद्धि हो जाएगी अतः आप जाएं 6:19 बजे उपरांत स्नान, पूजन, भोजन आदि नित्य कर्म कर सकते हैं। आइए जानते हैं कि कुल 26 मिनिट तक चलने वाले इस ग्रहणकाल के दौरान सभी 12

राशियों पर इस ग्रहण का क्या प्रभाव पड़ेगा?
मेष, वृषभ, कन्या,मकर- अशुभ
मिथुन, कर्क, वृश्चिक, कुंभ – शुभ
सिंह, तुला, धनु, मीन – मध्यम

ग्रहण के दौरान क्या करें ?

  1. यदि आपने ग्रहण से पहले अन्न पकाया है अर्थात् भोजन बनाकर के रखा है तो कृपया उसे कृपया ग्रहण के बाद उसे त्याग देना चाहिए।
  2. ग्रहण से पूर्व घर में रखे हुए कच्चे अन्न एवं घर के सभी जल पात्र (पानी टेंक) आदि में कुशा अवश्य डाल देवें । जिससे ग्रहण की समाप्ति के उपरांत भी उस अन्न से आप भोजन पका सकते हैं उसमें कोई दोष नहीं लगेगा।
  3. ग्रहण काल के दौरान भगवन्नाम का जप एवं कीर्तन करना साधक एवं ग्रह दोनो के लिए हितकारी होता है।
  4. ग्रहण काल के दौरान स्पर्श एवं धारण किए गए सभी वस्त्रों की ग्रहण समाप्ति के पश्चात धुलाई अवश्य करनी चाहिए।
  5. आसन, गौमुखी, मंदिर उपयोगी सभी प्रकार के वस्त्रों की भी ग्रहण समाप्ति के पश्चात धुलाई अवश्य करनी चाहिए। एवं संभवत: पूरे घर में गंगाजल का छिड़काव अवश्य करना चाहिए।
  6. ग्रहण के बाद खाद्य वस्तुओं में डाले गए कुश (डाब), तुलसी आदि को निकाल देना चाहिए।

ग्रहण के दौरान क्य- क्या न करें ?

  1. ग्रहण का बिल्कुल भी दर्शन नहीं करना चाहिए एवं ग्रहण काल के दौरान घर से बिल्कुल भी बाहर नहीं निकले।
  2. ग्रहण काल के दौरान अपने शरीर पर तेल मालिश या उबटन आदि नहीं करना चाहिए अन्यथा आप को कुष्ठ रोग हो सकता है।
  3. ग्रहण काल के दौरान किसी भी विषय को लेकर चिंता नहीं करनी चाहिए। ऐसा करने से बुद्धि नष्ट हो सकती है।
  4. ग्रहण काल के दौरान हंसी -मजाक, नाच-गान, मनोरंजन आदि नहीं करना चाहिए ।
  5. चंद्रग्रहण में सूतक काल के दौरान वृद्ध ,बालक, रोगी आदि को छोड़कर किसी को भी भोजन ग्रहण नहीं करना चाहिए।
  6. ग्रहण के दौरान कभी भी निद्रा अर्थात् नींद नहीं लेनी चाहिए यदि आप ग्रहण के दौरान नींद लेते हैं तो भविष्य में आप किसी रोग का शिकार हो सकते हैं।
  7. ग्रहण काल के दौरान गर्भवती महिलाओं को चाकु, कैंची, पेन, पेंसिल जैसी नुकीली वस्तुओं का प्रयोग नहीं करना चाहिए। क्योंकि
    ग्रहण काल के दौरान इन वस्तुओं का प्रयोग करने से शिशु के होंठ कटने की संभावनाएं रहती है।
  8. यदि गर्भवती महिलाएं चश्मा, बालों पर पिन, गहने आदि पहनती हैं तो कृपया ग्रहण काल के दौरान इन्हें उतार देना चाहिए।

मानसिक शांति एवं आर्थिक स्थिति मजबूत करने के लिए क्या उपाय करें?
जिन व्यक्ति को मानसिक संताप या मन में घबराहट रहती है या कोई भी निर्णय लेते समय में आत्मविश्वास (confidence) की कमी रहती है तो कृपया चंद्र ग्रहण के मोक्ष के पश्चात् शनि मंदिर या नवग्रह मंदिर या भार्गव को चावल, मिश्री, कपूर, शर्करा, श्वेत पुष्प, दुध आदि वस्तुओं का दान करना चाहिए।

अधिक जानकारी के लिए आप राजगुरु पंडित रामदेव उपाध्याय से निम्न नंबर पर संपर्क कर सकते हैं
9829660721

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