केंद्रीय उड्डयन मंत्री बोले- हवाई सुरक्षा से समझौते का सवाल नहीं; एथेनॉल और Sustainable Aviation Fuel (SAF) को लेकर फैली गलतफहमी दूर की।
समाचार-गढ़ 6 अगस्त, 2026।
नई दिल्ली: विमान के ईंधन में एथेनॉल मिलाने की चर्चाओं के बीच केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि ऐसी कोई योजना नहीं है। केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू ने कहा कि विमान सुरक्षा से जुड़ी गलत जानकारी फैलाना उचित नहीं है, क्योंकि इससे यात्रियों में अनावश्यक डर और भ्रम पैदा होता है।
यह बयान दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के उस दावे के बाद आया, जिसमें उन्होंने सरकार पर विमान ईंधन में एथेनॉल मिलाने की योजना का आरोप लगाया था।
मंत्री ने स्पष्ट किया कि एथेनॉल और Sustainable Aviation Fuel (SAF) दो पूरी तरह अलग ईंधन हैं। एथेनॉल का उपयोग मुख्य रूप से पेट्रोल के साथ मिश्रण के रूप में सड़क परिवहन में किया जाता है, जबकि SAF विमानन उद्योग के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमाणित ईंधन है।
उन्होंने बताया कि SAF को उपयोग से पहले कई चरणों की कड़ी सुरक्षा जांच और अंतरराष्ट्रीय मानकों से गुजरना पड़ता है। इसे सामान्य जेट ईंधन के साथ सुरक्षित रूप से मिलाकर इस्तेमाल किया जा सकता है और दुनिया के कई देशों में इसका उपयोग पहले से हो रहा है।
सरकार ने दोहराया कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और विमानन क्षेत्र में किसी भी नए ईंधन या तकनीक को अपनाने से पहले वैश्विक सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन किया जाता है।









