समाचार गढ़, 17 अगस्त 2025, श्रीडूंगरगढ़। क्षेत्र के गांव बापेऊ का एक किसान लाखों की ठगी का शिकार हो गया। किसान ने आरोप लगाया है कि ई-मित्र संचालक और एक्सिस बैंक शाखा श्रीडूंगरगढ़ की मिलीभगत से उसके नाम पर कृषि नकद ऋण (KCC) तो 14 लाख रुपए स्वीकृत हुआ, लेकिन उसे हाथ में डेढ़ लाख नकद और कुछ राशि फोनपे से दी गई। बाकी की रकम ई-मित्र संचालक ने पासबुक व चेकबुक कब्जे में रखकर निकाल ली।
परिवादी रिक्ताराम पुत्र भजूराम मेघवाल निवासी बापेऊ पुरोहितान ने अदालत में इस्तगासा पेश कर बताया कि उसकी साझी खातेदारी की जमीन है और उसी पर KCC बनवाने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। गांव का ही नरेन्द्र पुत्र छोटूलाल राजपुरोहित, जो ई-मित्र संचालक है, उसे एक्सिस बैंक लेकर गया। वहां नरेन्द्र ने न केवल उसके बल्कि परिवार के अन्य सदस्यों चूनाराम, ज्यानीदेवी व पोमाराम के दस्तखत और अंगूठे भी कागजों पर करवा लिए।
रिक्ताराम को यही भरोसा दिलाया गया कि उसकी KCC पर महज डेढ़ लाख नकद और थोड़ी सी राशि फोनपे से स्वीकृत हुई है। लेकिन फरवरी 2025 में बैंक कर्मचारी उसके घर पहुंचे तो खुलासा हुआ कि उसके नाम से करीब 14 लाख रुपए की KCC स्वीकृत थी और ब्याज सहित बकाया बढ़कर 18 लाख से अधिक हो चुका है।
खाते का स्टेटमेंट निकलवाने पर सामने आया कि नरेन्द्र ने पासबुक व चेकबुक अपने कब्जे में रखकर बार-बार निकासी की। 8 फरवरी 2023 को 8.50 लाख और 10 हजार रुपए एटीएम से, 10 मार्च 2023 को 2.72 लाख सहित कई बार रकम निकाली गई। कुल मिलाकर 12 लाख रुपए से ज्यादा की राशि उसके खाते से उड़ाई गई।
पीड़ित किसान का कहना है कि जब उसने नरेन्द्र से पैसे लौटाने की बात कही तो शुरू में आश्वासन दिया गया, लेकिन 13 जुलाई 2025 को तकादा करने पर धमकी मिली — “मैंने चेकबुक और खाते पर आपके ही हस्ताक्षर करवा रखे हैं, आप मेरा कुछ नहीं बिगाड़ सकते।”











