दिनांक 12-06-2023 के पंचांग के साथ जाने और भी कई खास बातें राजगुरू पंडित रामदेव उपाध्याय के साथ
शिवोपासना से होता है आर्थिक लाभ जाने कैसे ?
श्री गणेशाय नमः
तिथि वारं च नक्षत्रं
योगो करणमेव च ।
पंचागं श्रृणुते नित्यं
श्रीगंगा स्नानं फलं लभेत् ।।
शास्त्रों के अनुसार नित्य पंचांग के तिथि, वार, नक्षत्र ,योग ,करण आदि पांच अंगों को सुनने से गंगा स्नान के बराबर फल मिलता है अतः नित्य पंचांग अवश्य सुनना चाहिए।। *आज का पंचांग*
दिनांक- 12/06/2023
श्री डूंगरगढ़
अक्षांश – 28:06
रेखांश – 74:04
पंचांग
विक्रम संवत् – 2080
शक संवत् – 1945
* ऋतु – ग्रीष्म
* अयन- उत्तरायण
* मास – आषाढ़
* पक्ष- कृष्ण
* तिथि- नवमी प्रातः 10:31:24 बजे उपरांत दशमी
* वार- सोमवार
* नक्षत्र – उत्तराभाद्रपद दोपहर 13:46 बजे उपरांत रेवती
* योग- आयुष्मान प्रातः 07:49 बजे उपरांत सौभाग्य
- करण- 1 गर- 10:31:24 A. M. 2 वणिज-21:58:24 P.M. उपरांत विष्टि (भद्रा)
चंद्र राशि मीन
चंद्र बल– वृषभ,मिथुन, कर्क, कन्या, तुला, वृश्चिक, मकर, कुंभ,मीन
सम्वत् नाम – पिंगल
सूर्योदय -05:45 A.M. सूर्यास्त – 07:22 P.M.
दिनमान – 13:37
रात्रिमान – 10:23 *शुभ समय* अभिजित मुहूर्त मध्याह्न -12:09:30 बजे से 12:57:30 तक
अशुभ समय
यमगण्ड – प्रातः 10:30 से 12:00 बजे तक राहुकाल- प्रातः 7:30 से 9:00 बजे तक
*(विशेष- राहुकाल चक्र भारत के दक्षिण संभाग में ही मान्य है दक्षिण संभाग के लोगों को शुभ कार्यो में राहु काल के समय का त्याग करना चाहिए किंतु उत्तर भारत में राहुकाल का समय शुभ कार्यों में त्यागने की आवश्यकता नहीं है । ) **
कालवेला या अर्द्धयाम
1. प्रातः 07:27:07 से 09:09:15 बजे तक
2. रात्रि 11:15:37 से 12:33:30 बजे तक
गुलिक काल – दोपहर 1:30 से 3:00 बजे तक
दिशा शूल – पूर्व दिशा
चौघड़िया ( दिन)
1.अमृत- प्रातः 05:45 से 07:27:07 तक
2.काल-प्रातः 07:27:07 से 09:09:15 (कालवेला निषेध)
3.शुभ-प्रातः 09:09:15 से 10:51:22 तक
4.रोग-प्रातः 10:51:22 से 12:33:30 तक
5.उद्वेग- दोपहर 12:33:30 से 02:15:37 तक
6.चंचल- दोपहर 02:15:37 से 03:57:45 तक
7.लाभ- सायं 03:57:45 से 05:39:52 तक (वारवेला निषेध)
8.अमृत-सायं 05:39:52 से 07:22 तक
चौघड़िया ( रात्रि)
1.चंचल-रात्रि 07:22 से 08:39:52 तक
2.रोग-रात्रि 08:39:52 से 09:57:45 तक
3.काल-रात्रि 09:57:45 से 11:15:37 तक
4.लाभ-रात्रि 11:15:37 से 12:33:30 तक (काल वेला निषेध)
5.उद्वेग-रात्रि 12:33:30 से 01:51:22 तक
6.शुभ-रात्रि 01:51:22 से 03:09:15 तक
7.अमृत-रात्रि 03:09:15 से 04:27:07 तक
8.चंचल-रात्रि 04:27:07 से 05:45:00 तक
विशेष- सोमवार को भगवान शिव की उपासना करने से चंद्र ग्रह प्रबल हो जाता है। प्रबल चंद्रमा जातक की न केवल आर्थिक स्थिति में सुधार करता है बल्कि मानसिक शांति भी प्रदान करता है अतः चंद्र ग्रह को प्रबल बनाने के लिए आज भगवान शिव को ओउम् नमः शिवाय मंत्र से गाय का कच्चा दूध अवश्य चढ़ाएं।
राजगुरु पंडित रामदेव उपाध्याय ( शास्त्री-आचार्य ,ज्योतिष विद्, बी.ए.)
भू.पू. सहायक आचार्य
श्री ऋषिकुल संस्कृत विद्यालय
श्री डूंगरगढ़
M.N. 9829660721




















