समाचार गढ़। भारत और यूनाइटेड किंगडम (UK) के बीच बहुप्रतीक्षित फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) मंगलवार, 15 जुलाई से लागू हो गया है। इस समझौते के लागू होने के साथ ही दोनों देशों के बीच व्यापार को नई रफ्तार मिलने की उम्मीद है। सरकार का अनुमान है कि 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार बढ़कर 120 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है।
समझौते के तहत भारत के 99% उत्पादों को ब्रिटेन में जीरो टैरिफ पर निर्यात किया जाएगा, जबकि UK से आने वाले अधिकांश उत्पादों पर भारत में औसत आयात शुल्क 15% से घटकर 3% रह जाएगा। इससे कई ब्रिटिश उत्पाद भारतीय बाजार में पहले के मुकाबले सस्ते हो सकते हैं।
इसका सबसे ज्यादा फायदा स्कॉच व्हिस्की और जिन, लग्जरी कारों, कॉस्मेटिक्स, मेडिकल डिवाइस, फैशन प्रोडक्ट्स, फुटवियर और कुछ खाद्य एवं पेय पदार्थों की कीमतों में देखने को मिल सकता है। वहीं, जगुआर लैंड रोवर और रोल्स-रॉयस जैसी लग्जरी कारों पर भी शुल्क में बड़ी कटौती की गई है, जिससे उनकी कीमतों में कमी आने की संभावना है।
यह समझौता करीब तीन साल तक चली 14 दौर की बातचीत के बाद 24 जुलाई 2025 को वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल और ब्रिटेन के व्यापार मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर की मौजूदगी में हस्ताक्षरित किया था।
समझौते के लागू होने से पहले भारत में ब्रिटेन की उच्चायुक्त लिंडी कैमरन ने इसे दोनों देशों की आर्थिक साझेदारी के लिए “ऐतिहासिक कदम” बताते हुए कहा था कि यह भारत और UK के बीच व्यापार और निवेश के नए दौर की शुरुआत करेगा।









