समाचार-गढ़ 11 अक्टूबर, 2026।
जम्मू-कश्मीर के सोपोर में सुरक्षा बलों को हथियारों और विस्फोटक सामग्री का बड़ा जखीरा मिला है। पुलिस के मुताबिक, बोमाई थाना क्षेत्र के मुकाम चेरहार के जंगल में तलाशी अभियान के दौरान एक बड़े पत्थर के नीचे छिपाकर रखा गया नीला बैरल और एक बैग मिला। इनमें AK-47 समेत असॉल्ट राइफलें, पिस्तौल, ग्रेनेड और इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) बरामद किए गए। संदिग्ध विस्फोटक सामग्री की जांच और सुरक्षित निपटान के लिए बम निरोधक दस्ते को मौके पर बुलाया गया। पुलिस अब बरामद हथियारों के स्रोत और उन्हें छिपाने वालों का पता लगा रही है।
खुफिया सूचना के बाद चलाया तलाशी अभियान
पुलिस से मिली विशेष खुफिया जानकारी के आधार पर सोपोर पुलिस ने मुकाम चेरहार के जंगल में घेराबंदी और तलाशी अभियान (CASO) शुरू किया। यह इलाका बोमाई पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आता है।
तलाशी के दौरान टीम को एक बड़े पत्थर के नीचे छिपाया गया नीला बैरल और एक बैग मिला। इनके अंदर हथियार, गोला-बारूद और विस्फोटक सामग्री रखी हुई थी। सामग्री की प्रकृति को देखते हुए बम निरोधक दस्ते को बुलाया गया और आवश्यक सुरक्षा सावधानियों के साथ बरामदगी की कार्रवाई की गई।
AK-47 से लेकर मल्टी ग्रेनेड लॉन्चर तक बरामद
पुलिस के अनुसार, बरामद हथियारों और सामग्री में शामिल हैं:
- 2 असॉल्ट राइफलें: एक AK-47 और एक AK-76, साथ में 7 मैगजीन और गोला-बारूद।
- 4 पिस्तौल: चार मैगजीन और गोला-बारूद के साथ।
- 1 मल्टी ग्रेनेड लॉन्चर (MGL): इसके साथ 5 राउंड मिले।
- 11 हैंड ग्रेनेड।
- 3 रिमोट कंट्रोल वाले IED।
- 8 डेटोनेटर और 2 टाइमर।
इसके अलावा Y-SMS सेट, प्राइमा कॉर्ड, तार, बैटरी सेल, IED से जुड़े पुर्जे और अन्य सामग्री भी जब्त की गई है।
UAPA समेत कई कानूनों के तहत FIR दर्ज
बरामद सामग्री को कानूनी प्रक्रिया और जरूरी सुरक्षा सावधानियों के साथ जब्त किया गया। इस मामले में बोमाई पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 66/2026 दर्ज की गई है।
पुलिस के मुताबिक, मामला गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम यानी UAPA की धारा 13, 18, 20 और 23, शस्त्र अधिनियम की धारा 7/25 तथा विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 5 के तहत दर्ज किया गया है।
हथियार किसने छिपाए, इसकी जांच जारी
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि हथियार और विस्फोटक सामग्री कहां से लाई गई थी, इन्हें किसने छिपाया और इनका इस्तेमाल किस उद्देश्य से किया जाना था। संभावित आतंकी संबंधों की भी जांच की जा रही है।
फिलहाल पुलिस ने बरामदगी की पुष्टि की है, लेकिन हथियारों को छिपाने वालों की पहचान और उनके संभावित नेटवर्क के बारे में जांच पूरी होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।








