महिला आरक्षण पर सियासी घमासान: वसुंधरा राजे का भागवत को तीखा पत्र, बीजेपी की नीयत पर उठाए सवाल
समाचार गढ़, 19 अप्रैल 2026 जयपुर। राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक को एक तीखा और गंभीर पत्र लिखकर महिला आरक्षण और परिसीमन को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े किए हैं। 15 अप्रैल 2026 को लिखे गए इस पत्र ने राजनीतिक हलकों में नई बहस छेड़ दी है।
राजे ने पत्र में कहा कि एक ओर देश में महिला आरक्षण बिल लागू करने की बात हो रही है, वहीं दूसरी ओर इसे परिसीमन जैसी जटिल प्रक्रिया से जोड़ना संदेह पैदा करता है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार की मंशा साफ है तो महिला आरक्षण सीधे और पारदर्शी तरीके से क्यों नहीं लागू किया जा रहा।
उन्होंने लिखा कि महिला सम्मान और राजनीतिक भागीदारी जैसे महत्वपूर्ण विषय को परिसीमन से जोड़ना कहीं न कहीं बड़े राजनीतिक षड्यंत्र की ओर इशारा करता है। राजे के अनुसार, इस प्रक्रिया के जरिए उन राज्यों में लोकसभा सीटें बढ़ाने की कोशिश हो सकती है जहां भारतीय जनता पार्टी का जनाधार मजबूत है, जिससे चुनावों में उसे संरचनात्मक लाभ मिल सके।
पूर्व मुख्यमंत्री ने यह भी आशंका जताई कि परिसीमन के जरिए विपक्ष के वोटों को इस तरह विभाजित किया जा सकता है कि वे निर्णायक भूमिका में न रह जाएं। साथ ही, 2011 की जनगणना के पुराने आंकड़ों के आधार पर परिसीमन लागू करने पर उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि इससे एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग को उनके वास्तविक अनुपात के अनुसार प्रतिनिधित्व नहीं मिल पाएगा।
राजे ने अपने पत्र में की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि यदि इस पूरे मुद्दे पर संघ मौन रहता है, तो यह देश के लिए गंभीर संकेत है। उन्होंने भागवत से पूछा कि इस मौन को विवशता माना जाए या वैचारिक समझौता।
पत्र में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी की वर्तमान छवि पर भी तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि पार्टी की पहचान अब संस्कार और राष्ट्रधर्म के बजाय साजिश, सत्ता-लोभ और राजनीतिक बदनियती से जुड़ती नजर आ रही है।
राजे ने अंत में इसे एक राजनीतिक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि वैचारिक चेतावनी बताते हुए कहा कि लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और राष्ट्रधर्म की रक्षा के लिए इस मुद्दे पर स्पष्ट हस्तक्षेप जरूरी है।
फिलहाल इस पत्र पर भाजपा या संघ की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन यह मुद्दा आने वाले दिनों में सियासत का बड़ा केंद्र बन सकता है।

















