समाचार गढ़ 14 अप्रैल 2026। लिखमादेसर के हंसोजी धाम में पूनमचंद रामनिवास तिवाड़ी परिवार द्वारा आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा के छठे दिन मंगलवार को भक्ति, ज्ञान और भावनाओं का अद्भुत संगम देखने को मिला। अयोध्या कांड के विस्तारपूर्ण वर्णन ने जहां श्रद्धालुओं को भावुक कर दिया, वहीं संतों के उपदेशों ने जीवन मूल्यों की गहरी सीख भी दी।
गौसेवार्थ आयोजित इस भव्य कथा में कथा वाचक दंडी स्वामी शिवेंद्रजी महाराज ने संत और सत्संग के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भगवान की विशेष कृपा के बिना संतों का सान्निध्य प्राप्त नहीं होता। उन्होंने श्रद्धालुओं को भगवान की कथा को भावपूर्वक सुनने और आदर्श गृहस्थ जीवन अपनाने की प्रेरणा दी।
महाराज ने जानकी विवाह और विदाई का भावुक प्रसंग सुनाते हुए पांडाल में उपस्थित श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। नवविवाहिताओं को ससुराल में सेवा और समर्पण का संदेश देते हुए उन्होंने पारिवारिक मूल्यों पर जोर दिया। श्रीराम के राज्याभिषेक की घोषणा का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि जीवन में उपलब्धियों पर कभी अहंकार नहीं करना चाहिए।
कथा के दौरान मंथरा-कैकयी प्रसंग का उल्लेख करते हुए महाराज ने संगति के प्रभाव को समझाया और युवाओं को वाणी में संयम रखने की सीख दी। जैसे ही कैकयी द्वारा राजा दशरथ से दो वरदान मांगकर श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास देने का प्रसंग आया, पूरा पांडाल भावनाओं से भर उठा और श्रद्धालुओं की आंखें नम हो गईं।
इस अवसर पर परमहंस संत सोमनाथ जी महाराज, महंत भंवरनाथ जी महाराज, संत सुरजीतनाथजी महाराज, श्रीनाथजी महाराज सहित अनेक संत उपस्थित रहे। कार्यक्रम में विभिन्न अतिथियों ने पूनमचंद तिवाड़ी का सम्मान भी किया।
भजनों की संगीतमय प्रस्तुति के साथ श्रद्धालुओं ने रामनाम का कीर्तन कर भक्तिरस का आनंद लिया। कथा के दौरान दानदाताओं ने उत्साहपूर्वक गौसेवा के लिए सहयोग दिया। श्रीकृष्ण गोपाल गौशाला ट्रस्ट के लिए लगभग 15 लाख रुपए का योगदान एकत्रित हुआ।
कार्यक्रम में रतनगढ़ विधायक पुसाराम गोदारा, पूर्व विधायक कमला कस्वां सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं के लिए यातायात और भोजन की उत्कृष्ट व्यवस्थाएं भी सुनिश्चित की गईं।















