समाचार गढ़ 20 अप्रैल 2026 बीकानेर। बीकानेर के स्थापना दिवस पर शहर में लगातार दूसरे दिन भी उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला। सुबह से ही गली-मोहल्लों की छतों पर युवाओं की भीड़ उमड़ पड़ी और आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से भर गया। पतंगबाजी के दौरान ‘बोयकट्या’ के जोरदार नारे पूरे शहर में गूंजते रहे।
उत्साह के बीच लापरवाही के मामले भी सामने आए। चाइनीज मांझे के इस्तेमाल से कई लोगों के हाथ, गर्दन और चेहरे पर कट लगने की घटनाएं हुई हैं। डॉक्टरों और प्रशासन ने पहले ही इस खतरनाक मांझे से दूर रहने की अपील की थी, इसके बावजूद कई लोग इसका उपयोग करते नजर आए।
इस बार बाजार में मांझे की कीमतों में भी बढ़ोतरी देखी गई है। व्यापारियों के अनुसार अलग-अलग क्वालिटी के मांझे अलग रेट पर बिक रहे हैं। जितना तेज मांझा, उतनी ज्यादा कीमत है। बताया जा रहा है कि बरेली से बड़े स्तर पर मांझे की सप्लाई बीकानेर पहुंच रही है।
पतंगों के दाम भी बढ़े हैं। जो सामान्य पतंग पहले 2 रुपये में मिलती थी, वह अब करीब 10 रुपये तक पहुंच गई है। इसके बावजूद खरीदारी और उत्साह में कोई कमी नहीं दिख रही। पतंगबाजी प्रेमी डॉ. चंद्रशेखर श्रीमाली ने बताया कि महंगाई का त्योहार के उत्साह पर खास असर नहीं पड़ा है।
आखातीज के अवसर पर स्थानीय कलाकारों ने पतंगबाजी और बीकानेर की संस्कृति पर आधारित गीत भी तैयार किए हैं। इस बार कलाकार योगेश श्रीमाली का गीत लोगों में खासा लोकप्रिय हो रहा है।
प्रशासन ने नागरिकों से सुरक्षित तरीके से त्योहार मनाने और अभिभावकों से बच्चों पर नजर रखने की अपील की, ताकि किसी भी दुर्घटना से बचा जा सके।
















