समाचार गढ़ 14 मार्च 2026। लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक को शनिवार को जोधपुर सेंट्रल जेल से रिहा कर दिया गया। केंद्र सरकार द्वारा राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) हटाए जाने के बाद उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई। करीब 170 दिन तक जेल में रहने के बाद वे आज बाहर आए। जेल से उन्हें लेने उनकी पत्नी गीतांजलि अंगमो पहुंचीं और कागजी औपचारिकताओं के बाद दोनों एक निजी वाहन से रवाना हो गए।
वांगचुक को 26 सितंबर 2025 को हिरासत में लेकर जोधपुर जेल भेजा गया था। इससे दो दिन पहले लेह में उनके अनशन के दौरान हिंसा की घटना हुई थी, जिसके बाद उन पर एनएसए लगाया गया था।
इस बीच पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उनकी रिहाई पर प्रतिक्रिया देते हुए केंद्र सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कानूनों का राजनीतिक लाभ के अनुसार इस्तेमाल लोकतांत्रिक संस्थाओं की विश्वसनीयता को नुकसान पहुंचाता है।
जेल में रहने के दौरान वांगचुक ने बैरक को गर्मियों में ठंडा रखने के लिए एक नवाचार भी किया था। उनकी पत्नी के अनुसार जेल स्टाफ ने उनसे बेहतर पेरेंटिंग से जुड़े सुझाव भी लिए थे।










