समाचार गढ़। अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर में चढ़ावे के कथित दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा। मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ, जिसमें जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहन भी शामिल हैं, इस मामले से जुड़ी याचिकाओं पर विचार करेगी।
याचिकाओं में मामले की CBI से अदालत की निगरानी में समयबद्ध जांच, ट्रस्ट के वित्तीय लेनदेन की फॉरेंसिक ऑडिट और रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश देने की मांग की गई है। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है।
इस बीच, उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (SIT) अपनी जांच जारी रखे हुए है। मामले में अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि मुख्य आरोपियों में शामिल अनुकल्प मिश्रा से पूछताछ की जा रही है।
एसआईटी की शुरुआती जांच में राम मंदिर के दान गणना कक्ष (काउंटिंग हॉल) में सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर खामियों की ओर संकेत किया गया है। जांच के अनुसार, 27 अप्रैल से 5 जून के बीच की सीसीटीवी फुटेज में करीब 70 संदिग्ध घटनाएं सामने आईं, जिनमें कुछ कर्मचारियों को नकदी के बंडल कपड़ों, जेबों, जूतों और अन्य निजी सामान में छिपाते हुए देखा गया। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि काउंटिंग हॉल के प्रवेश और निकास पर कर्मचारियों की प्रभावी जांच नहीं होती थी और उनके निजी सामान की निगरानी भी पर्याप्त नहीं थी।
मामले को लेकर देशभर में राजनीतिक और सार्वजनिक स्तर पर बहस तेज हो गई है। वहीं, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने भी सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक ढांचे में बदलाव की प्रक्रिया शुरू की है।









