तोलीयासर में रामोत्सव की गूंज, कलश यात्रा संग भव्य हिंदू सम्मेलन आयोजित
तोलीयासर।
अयोध्या में भगवान श्रीराम की प्राण-प्रतिष्ठा की द्वितीय वर्षगांठ के अवसर पर 22 जनवरी को तोलीयासर गांव में धार्मिक उत्साह और आस्था का अनूठा संगम देखने को मिला। इस पावन दिन गांव में भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसके पश्चात एक विशाल हिंदू सम्मेलन का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के पूजन के साथ किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में ग्रामीणों व श्रद्धालुओं ने सहभागिता निभाई।
सम्मेलन में संत शिरोमणि गोपालदास जी महाराज का दिव्य सान्निध्य प्राप्त हुआ। अपने आशीर्वचन में उन्होंने हिंदू समाज को संगठित रहने, अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े रहने तथा धर्म और संस्कारों की रक्षा हेतु सदैव सजग रहने का संदेश दिया।
मुख्य वक्ता के रूप में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े सामाजिक चिंतक गंगा सिंह जी ने विचार व्यक्त किए। उन्होंने हिंदू समाज की एकता, पहचान और मजबूती पर जोर देते हुए वर्तमान परिवेश में समाज को जागरूक एवं संगठित रहने की आवश्यकता बताई।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष श्रीमती सुमन शर्मा ने अपने संबोधन में परिवार निर्माण में मातृशक्ति की भूमिका को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि माताएं ही बच्चों में संस्कार, परंपरा और संस्कृति के बीज रोपित करती हैं, जिससे सशक्त समाज का निर्माण होता है।
समापन सत्र में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ स्वयंसेवक जगदीश जी रतनपुरा ने राजस्थानी भाषा में ओजस्वी उद्बोधन दिया। उन्होंने समाज को पूर्वजों की परंपराओं से जुड़ने, जातिगत भेदभाव से ऊपर उठने और महिलाओं को समान अवसर देने का प्रेरक संदेश दिया।
कार्यक्रम का सफल संचालन राज सिर द्वारा किया गया। इस अवसर पर प्रदीप सिंह जी, किशोर जी, लक्ष्मीनारायण जी सहित ग्राम के अनेक प्रबुद्धजन और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
सम्मेलन में राम दरबार की भव्य झांकी, कलश यात्रा और राम दरबार यात्रा विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। वहीं राम भदावर की काव्य प्रस्तुति ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। श्रीडूंगरगढ़ से पधारे भाई महेंद्र द्वारा प्रस्तुत राष्ट्रगीत ने पूरे वातावरण को देशभक्ति की भावना से सराबोर कर दिया।
कार्यक्रम के अंत में हिंदू समाज को और अधिक सशक्त, संगठित एवं गौरवशाली बनाने का संकल्प लिया गया, जिसके साथ आयोजन का भव्य और सफल समापन हुआ।












