समाचार गढ़ 17 मार्च 2026। मध्य पूर्व में ईरान और अमेरिका के बीच जारी युद्ध 17 दिन बाद भी थमता नजर नहीं आ रहा है। हालात और गंभीर तब हो गए जब ईरान ने अहम समुद्री मार्ग होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति पर बड़ा असर पड़ा है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने नाटो देशों से इस मार्ग को दोबारा खोलने में मदद मांगी, लेकिन जर्मनी, ब्रिटेन और इटली सहित कई यूरोपीय देशों ने सैन्य हस्तक्षेप से साफ इनकार कर दिया। इन देशों का कहना है कि इस संकट का समाधान युद्ध नहीं, बल्कि कूटनीति से निकलेगा।
इस बीच इजराइल ने ईरान के तेहरान, शिराज और तबरीज जैसे शहरों पर बड़े हमले किए हैं और अगले तीन हफ्तों तक अभियान जारी रखने की योजना बनाई है। इजराइल का दावा है कि वह ईरान की मिसाइल और परमाणु क्षमताओं को कमजोर करना चाहता है।
ईरान ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि यदि अमेरिकी सेना जमीनी स्तर पर उतरी, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे।
युद्ध में अब तक भारी नुकसान हो चुका है। ईरान में 1800 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि अमेरिकी सेना के 13 सैनिक मारे गए और करीब 200 घायल हुए हैं। वहीं लेबनान में भी इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच संघर्ष तेज हो गया है।










