राजस्थान में सर्दी का कहर, कोहरा और शीतलहर ने बढ़ाई मुश्किलें
समाचार गढ़। राजस्थान इन दिनों भीषण सर्दी की गिरफ्त में है। प्रदेश के अधिकांश इलाकों में शीतलहर के साथ घना कोहरा लोगों की परेशानी बढ़ा रहा है। उत्तर भारत से आ रही ठंडी हवाओं के असर से तापमान लगातार नीचे जा रहा है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
मौसम विभाग का कहना है कि आने वाले दो से तीन दिनों में प्रदेश के उत्तरी क्षेत्रों में पारा 1 से 2 डिग्री तक और गिर सकता है। दिन के साथ-साथ रात में भी गलन तेज बनी रहेगी।
अभी दो दिन और नहीं मिलेगी राहत
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार फिलहाल मौसम के मिजाज में कोई बड़ा बदलाव नजर नहीं आ रहा है। अगले दो दिन तक ठंड का असर जस का तस रहेगा। सुबह और देर रात कई जिलों में घना कोहरा छाने से दृश्यता बेहद कम हो रही है, जिससे सड़कों पर चलना जोखिम भरा हो गया है।
कई जिलों में पारा बेहद नीचे
प्रदेश में न्यूनतम तापमान लगातार गिरता जा रहा है। दौसा में तापमान 3.5 डिग्री और अलवर में 3.6 डिग्री दर्ज किया गया। वहीं फतेहपुर, नागौर, लूणकरणसर, जैसलमेर और माउंट आबू समेत कई इलाकों में तापमान 4 से 5 डिग्री के बीच बना हुआ है। आंकड़े साफ बताते हैं कि राजस्थान के बड़े हिस्से में कड़ाके की ठंड का प्रकोप जारी है।
19 जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी
मौसम विभाग ने कोहरा और शीतलहर को लेकर प्रदेश के 19 जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया है। इनमें अलवर, दौसा, जयपुर, सीकर, बीकानेर, चूरू, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, नागौर, जैसलमेर सहित कई जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों में सुबह के समय घना कोहरा छाए रहने की संभावना जताई गई है।
जयपुर समेत कई शहरों में दिन भी सर्द
राजधानी जयपुर में भी सर्द हवाओं ने ठिठुरन बढ़ा दी है। यहां अधिकतम तापमान करीब 22 डिग्री और न्यूनतम तापमान 7 डिग्री के आसपास रिकॉर्ड किया गया। प्रदेश के लगभग 15 शहरों में दिन का तापमान 20 डिग्री से नीचे बना हुआ है। श्रीगंगानगर में दिन का तापमान सामान्य से करीब 10 डिग्री कम दर्ज किया गया।
कोहरे में सफर करने वालों को सतर्क रहने की सलाह
घने कोहरे को देखते हुए वाहन चालकों को विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी गई है। मौसम विभाग ने गति सीमित रखने, फॉग लाइट का उपयोग करने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है।
सुबह की सैर फिलहाल टालें
स्वास्थ्य को लेकर भी चेतावनी जारी की गई है। विभाग के अनुसार कोहरे के समय हवा में प्रदूषण के कण अधिक होते हैं, जो सांस संबंधी समस्याएं बढ़ा सकते हैं। बुजुर्गों, बच्चों और बीमार लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।
कुल मिलाकर, प्रदेश में ठंड का दौर अभी थमने वाला नहीं है। आने वाले दिन और ज्यादा ठिठुरन भरे हो सकते हैं। ऐसे में सावधानी और सतर्कता ही सबसे बड़ा बचाव है।











