समाचार गढ़, श्रीडूंगरगढ़, 18 अक्टूबर 2024।
श्रीडूंगरगढ़ थाने में आज एक महिला ने पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए दहेज प्रताड़ना का मुकदमा दर्ज कराया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, सुमन पुत्री हरिप्रसाद रेगर, निवासी बिग्गाबास, श्रीडूंगरगढ़ (मूल निवासी वार्ड नंबर 27, राजगढ़, चूरू), ने अपने पति राधेश्याम और सास गणपति देवी सहित अन्य परिजनों पर दहेज की मांग और शारीरिक प्रताड़ना का आरोप लगाया है।
सुमन ने बताया कि उसका विवाह 7 दिसंबर 2010 को श्रीडूंगरगढ़, बीकानेर में हिंदू रीति-रिवाज से हुआ था। विवाह के बाद प्रारंभिक कुछ महीनों तक ससुराल में ठीक व्यवहार रहा, लेकिन बाद में पति और परिजन मोटरसाइकिल और एक लाख रुपये की मांग को लेकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करने लगे। उन्होंने कई बार सुमन को मारपीट कर घर से निकाल दिया, लेकिन माता-पिता और समाजजनों के हस्तक्षेप के बाद उसे फिर से ससुराल भेजा गया।
सुमन ने बताया कि 12 अगस्त 2021 को पति और सास ने मोटरसाइकिल के लिए रुपये नहीं लाने पर गंभीर रूप से मारपीट की और बच्चों समेत उसे घर से बाहर निकाल दिया। परिवार के समझाने पर भी ससुराल वालों ने उसे घर में रखने से इनकार कर दिया और दहेज की मांग पूरी न होने पर धमकी दी। पिछले तीन वर्षों से सुमन अपने माता-पिता के साथ पीहर में रह रही है, जबकि उसका ससुराल पक्ष उसे स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं है।
सुमन के अनुसार, आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वह अपने दो बेटों—आयुष (12 वर्ष) और तन्मय (8 वर्ष)—के साथ कठिनाइयों का सामना कर रही है। अब न्याय की उम्मीद में उसने पुलिस से कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
श्रीडूंगरगढ़ पुलिस ने सुमन की शिकायत पर पति राधेश्याम, सास गणपति देवी, जेठ सुशील, और काकससुर ओमप्रकाश के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए, 406, 323, और 34 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले की जांच उपनिरीक्षक धर्मपाल वर्मा को सौंपी गई है।




















